यह निराशाजनक है, लेकिन प्रयास और इरादे के लिए पूरे अंक: गिल

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यह निराशाजनक है, लेकिन प्रयास और इरादे के लिए पूरे अंक: गिल

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 07:34 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 07:34 PM IST

कोलंबो, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर पाना निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने ड्रॉ हुए इस मुकाबले में अपने खिलाड़ियों के प्रयास और इरादे को ‘10 में से 10’ अंक दिए।

भारत ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका का स्कोर छह विकेट पर 229 रन कर दिया था। लेकिन मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पूरा पांचवां दिन निकाल दिया और सोनल दिनुषा की नाबाद 133 रन की शानदार पारी की बदौलत मैच ड्रॉ करा लिया।

मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा, ‘‘यह काफी निराशाजनक होता है। शुरुआत में हमने काफी आक्रमण किया। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच धीमी होती गई। ऐसा नहीं था कि गेंद बिल्कुल भी मूव नहीं कर रही थी, लेकिन जब गेंद घूम रही थी, तब विकेट लेने के मौके नहीं थे। पिच पूरी तरह सपाट भी नहीं थी। ’’

गिल ने संकेत दिया कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के पूरी तरह रक्षात्मक रवैये ने भारतीय गेंदबाजों के लिए विकेट हासिल करना और मुश्किल बना दिया।

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘जब तक आप शॉट खेलने और रन बनाने की कोशिश नहीं करते, तब तक विकेट लेना मुश्किल होता है। हमने हर संभव कोशिश की और मुझे नहीं लगता कि हमारे प्रयास में कोई कमी थी। हमारे स्पिनरों ने तीन दिनों तक लगातार 50-60 ओवर गेंदबाजी की। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में तीन दिन तक लगातार क्षेत्ररक्षण करना आसान नहीं होता। मैं प्रयास और इरादे के लिए 10 में से 10 अंक दूंगा। उन्होंने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। ’’

गिल ने कहा, ‘‘चौथे दिन हमें लगा कि हमने मौके बनाए थे। अगर थोड़ा और दबाव बनाया जाता तो विकेट मिल सकते थे और शायद नतीजा बेहतर होता। लेकिन जब तक हमारे पास विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्ल्यूटीसी) के लिए क्वालीफाई करने का मौका है, तब तक सब ठीक है। ’’

भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस टेस्ट में अपेक्षाकृत धीमी गति से गेंदबाजी की और कई बार छोटे रन-अप के साथ गेंदबाजी करते नजर आए।

पहली पारी में कैच लेने की कोशिश के दौरान उनके जोर से जमीन पर गिरने के बाद उनकी चोट को लेकर भी सवाल उठे। इस पर गिल ने स्पष्ट किया कि सिराज चोटिल नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, सिराज चोटिल नहीं हैं। गॉल में पहले मैच में भी उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। वह आखिरी बार जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले थे इसलिए वह लगभग दो महीने बाद खेल रहे थे। किसी खिलाड़ी को अपनी लय में लौटने में समय लगता है। ’’

गिल ने कहा, ‘‘ पहले टेस्ट में भी हमें लगा था कि उनकी गति कम थी, लेकिन कभी कभार जब आप ज्यादा खेलते हो तो अपनी लय वापस हासिल कर सकते हैं। लेकिन जहां तक चोट का सवाल है तो कोई चिंता की बात नहीं है। ’’

जब सिराज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे, तब साथी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी बखूबी संभाली। गिल ने उनके प्रदर्शन और प्रगति की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में रहे हैं। जब चीजें हमारे पक्ष में नहीं हो रही होतीं, तो खासकर इस सत्र में वह हमारे भरोसेमंद गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने मौके बनाए हैं और कप्तान के तौर पर मैं यही चाहता हूं। जब विकेट की गारंटी नहीं हो, तब हमें ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है जिस पर भरोसा किया जा सके। उन्होंने यह काम शानदार तरीके से किया। ’’

गिल को उम्मीद है कि उनकी टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके मैदान पर दो टेस्ट मैच की सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच की सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करके डब्ल्यूटीसी के फाइनल में जगह बना सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अब भी लगता है कि हमारे पास डब्ल्यूटीसी फाइनल में क्वालीफाई करने का अच्छा मौका है। अगर हम न्यूजीलैंड सीरीज में अच्छा खेलते हैं और फिर उम्मीद के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया सीरीज तक ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जहां हमें सिर्फ सीरीज जीतनी हो तो मुझे लगता है कि हम डब्ल्यूटीसी के लिए क्वालीफाई करने की अच्छी स्थिति में होंगे। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत