भारत का फीफा विश्व कप खेलने का सपना अब भी जीवंत है: आशालता देवी

भारत का फीफा विश्व कप खेलने का सपना अब भी जीवंत है: आशालता देवी

भारत का फीफा विश्व कप खेलने का सपना अब भी जीवंत है: आशालता देवी
Modified Date: January 17, 2026 / 04:31 pm IST
Published Date: January 17, 2026 4:31 pm IST

(हिमांक नेगी)

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) भारतीय महिला फुटबॉल की दिग्गज खिलाड़ी आशालता देवी का कहना है कि फीफा महिला विश्व कप में देश को खेलते हुए देखने का सपना अब भी जीवंत है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ अंतर को पाटने के लिए जमीनी स्तर पर निरंतर प्रगति महत्वपूर्ण है।

आशालता ने पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘विश्व कप में खेलने का हमारा सपना अभी भी जीवित है। हमें इस समय और भी ज्यादा मेहनत करनी होगी।’’

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इस अनुभवी डिफेंडर ने कहा कि तीनों राष्ट्रीय टीमें अंडर-17, अंडर-19 और सीनियर टीम एएफसी एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, जिससे 2026 भारत में महिला फुटबॉल के लिए एक निर्णायक वर्ष साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अंडर-17, अंडर-19 और सीनियर टीम पहले ही एएफसी (प्रतियोगिताओं) के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। अगर हम वहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो जाहिर है कि विश्व कप का हमारा सपना पूरा हो सकता है। हमारा यह सपना अभी भी जीवित है।’’

भारत की तरफ से 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली आशालता ने कहा कि सीनियर टीम लगातार अच्छी प्रगति कर रही है लेकिन अभी वह विश्वस्तरीय मानकों से काफी पीछे है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी विश्वस्तरीय मानकों तक नहीं पहुंचे हैं। मुझे खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार हम विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहेंगे।’’

आशालता ने कहा कि खेल की जमीनी स्तर पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘समस्या यह है कि हम बुनियादी बातों को छोड़ देते हैं और सीधे तकनीकी पहलुओं पर चले जाते हैं। मैंने 13 साल की उम्र में फुटबॉल खेलना शुरू किया था। अब कई खिलाड़ी 10 या 11 साल की उम्र में शुरू करते हैं। लेकिन अगर हम पांच या छह साल की उम्र में शुरू करें तो खेल की बारीकियां अच्छी तरह से सीख सकते हैं।’’

भाषा

पंत नमिता

नमिता


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