नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) अपनी तेज गेंदबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाले अशोक शर्मा जानते हैं 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने में स्वाभाविक रूप से जोखिम होते हैं, लेकिन उनका मानना है कि समय पर सोने सहित अनुशासित जीवनशैली से इसे बचा जा सकता है।
गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज ने अपने दूसरे आईपीएल मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 154.2 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से एक गेंद फेंकी थी, जिससे क्रिकेट जगत की उनमें दिलचस्पी पैदा हो गई।
इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में राजस्थान के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद गुजरात टाइटंस ने 90 लाख रुपये में खरीदा था। उन्होंने पिछले सत्र में ही लिस्ट ए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था।
उनसे पहले मयंक यादव और उमरान मलिक जैसे तेज गेंदबाजों ने भी इसी तरह की धूम मचाई थी, लेकिन लेकिन बार-बार चोटिल होने के कारण वह निरंतर रूप से नहीं खेल पाए।
अशोक का मजबूत पक्ष उनकी अतिरिक्त गति है और राजस्थान के इस तेज गेंदबाज को चोट के जोखिमों और उनसे निपटने के अपने तरीकों के बारे में पूरी जानकारी है।
अशोक ने कहा, ‘‘अगर आप तेज गेंदबाज हैं तो चोट लगना तय है। इससे बचने का एकमात्र तरीका है समय पर सोना, अपनी ‘रिकवरी’ और खान-पान पर ध्यान देना। मैं सभी काम उचित समय पर करता हूं और इसमें कभी नहीं चूकता। मैं अपनी दिनचर्या का सख्ती से पालन करता हूं। अपनी कसरत से मैं कभी कोई समझौता नहीं करता।’’
अशोक किसान परिवार से आते हैं और जयपुर की अरावली क्रिकेट अकादमी से जुड़े हुए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स की जीत के नायक युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने भी इसी अकादमी से अपनी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
अशोक के भाई को क्रिकेट खेलने का अपना सपना छोड़ना पड़ा क्योंकि उस समय परिवार केवल दोनों में से किसी एक का ही खर्च उठा सकता था।
किसी भी अन्य क्रिकेटर की तरह उनका भी सपना भारत की तरफ से खेलना है। वह प्रत्येक प्रारूप में खेलना चाहते हैं और गुजरात टाइटंस के साथ रहते हुए मुख्य कोच आशीष नेहरा तथा तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और मोहम्मद सिराज से तेज गेंदबाजी के बारे में बात करते हैं।
अपनी पसंदीदा गेंद के बारे में अशोक ने कहा, ‘‘मुझे बैक ऑफ द हैंड स्लोअर और यॉर्कर सबसे ज्यादा पसंद हैं। मुझे सभी प्रारूप में खेलना पसंद है। चार दिवसीय क्रिकेट बहुत महत्वपूर्ण है।’’
अशोक से जब आईपीएल और घरेलू क्रिकेट के बीच सबसे बड़े अंतर के बारे में पूछा गया, उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में आप गलतियां नहीं कर सकते, जबकि घरेलू क्रिकेट में कई बार खराब गेंद फेंकने पर भी आपको नुकसान नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें अपने परिवार को एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का अवसर दिया है।
अशोक ने कहा, ‘‘आईपीएल के बाद मेरी जिंदगी में बहुत बदलाव आया है। मैं जहां था और जहां अब हूं, वहां तक पहुंचने में मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरा सपना भारत के लिए खेलना है।’’
भाषा
पंत नमिता
नमिता