West Bengal Assembly Election 2026 || Image- ANI News File
West Bengal Assembly Election 2026: कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत होती है तो उसके सत्ता में आने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी और भाजपा ‘‘बंगाल के बेटे’’ को मुख्यमंत्री बनाएगी। गृह मंत्री शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने तृणमूल के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी। गृह मंत्री शाह ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता की सिफारिश भाजपा की नहीं है। यह संविधान सभा की सिफारिश है।’’ (West Bengal Assembly Election 2026) उन्होंने समान नागरिक कानून को आगे बढ़ाने का बचाव करते हुए दावा किया कि ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ के कारण इसे दशकों तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति के कारण समान नागरिक संहिता इतने लंबे समय तक लागू नहीं हो सकी। जिन-जिन राज्यों में हमारी सरकार बनी है, वहां हमने इसे लागू किया है और बंगाल में भी ऐसा करेंगे।’’
West Bengal Assembly Election 2026: भाजपा ने ‘संकल्प पत्र’ में पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है। गृह मंत्री शाह ने कहा, ‘‘बंगाल में हर नागरिक के लिए एक ही कानून होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तुष्टीकरण क्या है? क्या एक व्यक्ति को चार पत्नियां रखने की छूट देना तुष्टीकरण है या सबको देश के कानून का पालन करने के लिए कहना तुष्टीकरण है?’’
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने उस सवाल का भी जवाब देने की कोशिश की, (West Bengal Assembly Election 2026) जो लंबे समय से पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी से पूछा जाता रहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए उसका चेहरा कौन होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम कोई वंशवादी दल नहीं हैं, जिसमें बुआ के बाद भतीजा सत्ता संभाले। मैं बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमारा मुख्यमंत्री एक बंगाली होगा और बंगाल का निवासी होगा।’’
West Bengal Assembly Election 2026: गृह मंत्री शाह ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी हुमायूं कबीर के उन वीडियो का जिक्र किया जिसमें पार्टी के निलंबित नेता अल्पसंख्यक मतों के कथित तौर पर विभाजन के लिए भाजपा नेताओं से नजदीकी का दावा करते नजर आ रहे हैं। शाह ने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हुमायूं कबीर और भाजपा दो बिल्कुल अलग ध्रुवों पर हैं। ऐसी पार्टी के साथ कोई समझौता करने के बजाय हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।’’
गृह मंत्री शाह ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वीडियो के माध्यम से राजनीतिक विमर्श गढ़ने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप ममता जी की क्षमता नहीं जानते। वह ऐसे कई वीडियो बनवा सकती हैं।’’ गृह मंत्री शाह ने कहा कि भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल की खान-पान संबंधी संस्कृति में दखल नहीं देगी। (West Bengal Assembly Election 2026) उन्होंने कहा, ‘‘मछली और अंडे के सेवन पर रोक नहीं लगेगी। यह तृणमूल द्वारा फैलायी गई अफवाह है।’’
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