इशांत के कोच ने कहा, नबी को ‘बैक अप’ गेंदबाज के तौर पर नहीं बल्कि अंतिम एकादश में होना चाहिए
इशांत के कोच ने कहा, नबी को ‘बैक अप’ गेंदबाज के तौर पर नहीं बल्कि अंतिम एकादश में होना चाहिए
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के कोच श्रवण कुमार का मानना है कि तेज गेंदबाज औकिब नबी को ‘बैक अप’ भूमिका तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि अगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए भारतीय टीम की अंतिम एकादश का हिस्सा होना चाहिए।
नबी ने इस रणजी ट्रॉफी सत्र में 60 विकेट लिए और उनके इस प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर को पहली बार इस घरेलू टूर्नामेंट का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
श्रवण कुमार ने बुधवार को यहां पीटीआई से कहा, ‘‘मैं औकिब की बात कर रहा हूं। अपनी टीम को रणजी चैंपियन बनाने और 60 विकेट लेने के बाद भी औकिब नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए क्यों नहीं चुना जा रहा है? यह बैक-अप गेंदबाज वाली बात क्या है? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप उन्हें बैक-अप गेंदबाज के नाम पर नेट गेंदबाज बना रहे हैं। नबी को बैक-अप खिलाड़ी के नाम पर नेट गेंदबाज नहीं माना जाना चाहिए। यह देखना वाकई हैरान करने वाला है।’’
इशांत के बचपन के कोच कुमार ने कहा कि बीसीसीआई और राष्ट्रीय चयनकर्ता टेस्ट मैचों के लिए टीम चुनते समय रणजी ट्रॉफी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मान्यता नहीं दे रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे प्रदर्शन को मान्यता क्यों नहीं मिल रही? मुझे लगा कि उसे टेस्ट मैच खेलना चाहिए था। उसे बैक-अप खिलाड़ी के तौर पर लेने का क्या मतलब है। यह तो बस एक टेस्ट मैच है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी जिसने रणजी में 60 विकेट लिए हैं, वह टीम में नहीं है, लेकिन जिन दूसरे खिलाड़ियों ने बहुत कम विकेट लिए हैं, उन्हें टीम में रखा जा रहा है, यह सही नहीं है। ’’
कुमार ने कहा, ‘‘रणजी ट्रॉफी खेलने का क्या मतलब है? बीसीसीआई को या तो रणजी ट्रॉफी खत्म कर देनी चाहिए या शानदार प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘नबी ने सिर्फ 60 विकेट ही नहीं लिए हैं बल्कि जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी ट्रॉफी जीत में भी अहम भूमिका निभाई है। उसे नेट गेंदबाज (बैक-अप गेंदबाज) के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। वह किसी चीज की भीख नहीं मांग रहा है। उसने अपना प्रदर्शन दिखाया है। 60 विकेट कोई मजाक नहीं है। ’’
भाषा नमिता पंत
पंत

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