इतने सारे लोगों को खुशी और मुस्कान दे पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात, कोहली ने कहा

इतने सारे लोगों को खुशी और मुस्कान दे पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात, कोहली ने कहा

इतने सारे लोगों को खुशी और मुस्कान दे पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात, कोहली ने कहा
Modified Date: January 11, 2026 / 11:34 pm IST
Published Date: January 11, 2026 11:34 pm IST

वडोदरा, 11 जनवरी (भाषा) भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को कहा कि अब तक का उनका शानदार सफर किसी सपने के सच होने जैसा है क्योंकि वह अपने खेल के जरिए इतने सारे लोगों को इतनी खुशी और मुस्कान दे पा रहे हैं।

सैंतीस साल के कोहली यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूप में सबसे तेजी से 28,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए।

अपनी 624वीं पारी में खेलते हुए कोहली ने न्यूजीलैंड के लेग स्पिनर आदित्य अशोक की गेंद पर चौका लगाकर यह मुकाम हासिल किया। तेंदुलकर ने यह मुकाम अपने 644वीं पारी में हासिल किया था।

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कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो अगर मैं अपने पूरे सफर को देखूं तो यह किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। जब मैं आया था तो मुझे हमेशा अपनी क्षमताओं पर भरोसा था और आज मैं जिस जगह पर हूं वहां पहुंचने के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भगवान ने मुझे इतना कुछ दिया है कि मेरे पास शिकायत करने के लिए कुछ नहीं है इसलिए मुझे सिर्फ आभार महसूस होता है। मैं हमेशा अपने पूरे सफर को बहुत सम्मान और अपने दिल में बहुत आभार के साथ देखता हूं और मुझे इस पर गर्व महसूस होता है।’’

कोहली को उनके करियर में 45वीं बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

कोहली ने रविवार को 91 गेंद में 93 रन की पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इस पारी के संदर्भ में कहा, ‘‘अगर मैं सच कहूं तो जिस तरह से मैं अभी खेल रहा हूं मैं बिल्कुल भी उपलब्धियों के बारे में नहीं सोच रहा हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो अगर हम आज पहले बल्लेबाजी कर रहे होते तो शायद मैं और तेजी से खेलता क्योंकि बोर्ड पर एक स्कोर था इसलिए मुझे थोड़ा संभलकर खेलना पड़ा और स्थिति के हिसाब से खेलना पड़ा। मुझे लग रहा था कि मैं और अधिक बाउंड्री लगाऊं।’’

कोहली ने कहा, ‘‘मुझे बस लगा कि अगर मैं शुरुआती 20 गेंद पर जोर लगाऊं तो हम रोहित का विकेट गिरने के तुरंत बाद एक साझेदारी बना सकते हैं जिससे विरोधी टीम बैकफुट पर चली जाएगी और असल में यही मैच में अंतर साबित हुआ।’’

कोहली ने कहा कि उन्होंने अपनी ट्रॉफियां अपनी मां को भेज दी हैं जो गुड़गांव में रहती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, उन्हें सारी ट्रॉफियां रखना पसंद है।’’

भाषा सुधीर

सुधीर


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