अफगानिस्तान के स्पिनरों के लिए यह सीखने का अनुभव था: पाइबस

अफगानिस्तान के स्पिनरों के लिए यह सीखने का अनुभव था: पाइबस

अफगानिस्तान के स्पिनरों के लिए यह सीखने का अनुभव था: पाइबस
Modified Date: June 6, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: June 6, 2026 7:47 pm IST

मुल्लांपुर, छह जून (भाषा) अफगानिस्तान के कोच रिचर्ड पाइबस ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलकर बड़े हुए खिलाड़ियों के लिए भारत के खिलाफ पदार्पण करना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी करना सीखने के लिए काफी अहम है।

बाएं हाथ के स्पिनर नंगेलिया खरोटे और सीनियर ऑफ-स्पिनर अब्दुल मलिक के लिए भारत के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप को गेंदबाजी करना सीखने का अनुभव है।

खरोटे (19 ओवर) और मलिक (छह ओवर) ने मिलकर 25 ओवर फेंके और कुल मिलाकर 131 रन दिए (पांच रन प्रति ओवर से ज्यादा के औसत से)। लेकिन अपनी कोशिशों के बावजूद उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला।

पाइबस ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जब आप भारत में उसके खिलाफ पदार्पण करते हैं तो यह सीखने की जगह होती है। अफगानिस्तान के प्रथम श्रेणी क्रिकेट से निकलकर आना और फिर दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी करना अनुभव के लिहाज से अहम है। ’’

हालांकि उन्हें लगा कि खरोटे एक गेंदबाज के तौर पर दिन में बेहतर होते गए। उन्होंने कहा, ‘‘और आज उन्हें पता चला कि उन्हें किस तरह के नियंत्रण और निरंतरता की जरूरत है। उन पर बहुत दबाव था। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगा कि दिन में बाद में वापसी करना और बेहतर गेंदबाजी करना उनके मजबूत जज्बे को दिखाता है क्योंकि कुछ युवा खिलाड़ी होते तो वापसी करने में बहुत संघर्ष करते। ’’

जब उनसे पूछा गया कि ऑफ-स्पिनर को ज्यादा ओवर क्यों नहीं दिए गए तो पाइबस ने कहा कि कप्तान शायद उनके ‘ओवर-स्टेपिंग’ (नोबॉल) को लेकर थोड़े चिंतित थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मलिक के मामले में, मुझे लगता है कि कप्तान शायद थोड़े चिंतित थे। मलिक ने कुछ नोबॉल फेंकी थीं। एक मुख्य स्पिनर का कम होना वाकई हम पर दबाव डाल रहा था। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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