Dhirendra Shastri Latest Statement: सूर्या हत्याकांड का जिक्र कर भावुक हुए धीरेन्द्र शास्त्री, दोस्ती जिहाद पर हिंदुओं से कही बड़ी बात

Dhirendra Shastri Latest Statement: धीरेन्द्र शास्त्री ने सूर्या के साथ हुई घटना का उदाहरण देते हुए हिंदुओं को सतर्क रहने का संदेश दिया है।

Dhirendra Shastri Latest Statement: सूर्या हत्याकांड का जिक्र कर भावुक हुए धीरेन्द्र शास्त्री, दोस्ती जिहाद पर हिंदुओं से कही बड़ी बात

Dhirendra Shastri Latest Statement/Photo Credit: IBC24

Modified Date: June 6, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: June 6, 2026 6:36 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कथा के दौरान पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने हिंदू समाज से एकजुट और जागरूक रहने की अपील की
  • उन्होंने गाजियाबाद की एक घटना का उल्लेख करते हुए हिंदुओं को सतर्क रहने का संदेश दिया
  • कथा के दौरान उन्होंने सामाजिक एकता, जागरूकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया

Dhirendra Shastri Latest Statement: पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री गुजरात के फॉरेस्ट क्षेत्र राजकोट की तीन दिवसीय कथा दिव्य दरबार यात्रा पर है। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने पूर्व के दिनों में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई सूर्या के साथ हुई घटना का उदाहरण देते हुए बागेश्वर सरकार ने हिंदुओं को सतर्क रहने और एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सूर्या नाम के एक बालक को दोस्ती कर हलाली दिखाने के नाम पर चाकुओं से मार डाला गया। उन्होंने कहा, हम राजकोट कथा सुनाने नहीं, हिंदुओं को जगाने के लिए आए हैं।

 

 कायदे में रहेंगे तो ही फायदे में रहेंगे मुसलमान

Dhirendra Shastri Latest Statement बागेश्वर सरकार ने कहा, “हम प्रार्थना करेंगे कि हिंदू समाज जागे और एक हो। यदि हिंदू एक नहीं होंगे तो आने वाले समय में न जाने कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। अभी लव जिहाद, थूक जिहाद और लैंड जिहाद जैसे ट्रेंड चल रहे हैं, लेकिन अब इन्होंने नया ट्रेंड दोस्ती जिहाद बना लिया है।” उन्होंने आगे कहा, हम भारत में किसी के विरोधी नहीं हैं। हम मुसलमानों के भी विरोधी नहीं हैं, लेकिन वे कायदे में रहेंगे तो ही फायदे में रहेंगे। हमसे बहुत लोग कहते हैं कि आप भाईचारे का संदेश दीजिए, लेकिन काश वही लोग उनसे भी कहते कि वे भाईचारा निभाएं। राजकोट के हिंदुओं का आह्वान करते हुए बागेश्वर सरकार ने कहा, “हमें एक सिद्धांत पर जीना पड़ेगा। यदि हिंदू संगठित और जागरूक रहेंगे तो उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकेगा।”

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.