मुंबई, 27 अगस्त (भाषा) कौशल पर बढ़ते जोर के बीच कृत्रिम मेधा (एआई) भर्ती प्रक्रिया को तेजी से बदल रही है और 86 प्रतिशत नियोक्ता नियुक्ति प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को यह कहा गया।
परामर्श कंपनी डेलॉयट इंडिया की ‘कैंपस वर्कफोर्स ट्रेंड्स 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कैंपस भर्ती का परिदृश्य अधिक रणनीतिक और कौशल-केंद्रित हो रहा है। कंपनियां भर्ती बजट बढ़ाने, भर्ती प्रक्रिया में एआई का अधिक इस्तेमाल करने और प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़ने के लिए ‘इंटर्नशिप’ से नौकरी तक के कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
यह रिपोर्ट विभिन्न क्षेत्रों की 257 कंपनियों और 505 परिसरों से मिले आंकड़ों पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती स्तर के कर्मचारियों में निवेश और भविष्य के लिए प्रतिभा तैयार करने के प्रयासों के तहत कंपनियों के भर्ती बजट में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इस बदलाव से पारंपरिक कैंपस भर्ती मॉडल की जगह अधिक व्यवस्थित और कौशल-केंद्रित चयन प्रक्रिया को बढ़ावा मिल रहा है। इसमें लक्षित तरीके से उम्मीदवारों की छंटनी और उनकी क्षमताओं का आकलन शामिल है।
कंपनियां प्रतिभा के विकास की प्रक्रिया में भी पहले से निवेश कर रही हैं। करीब 80 प्रतिशत संगठनों ने अब कैंपस भर्ती के लिए अलग टीम बनाई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि ‘इंटर्नशिप’ भी लंबे समय में करियर की सफलता के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में उभर रही है। विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों में इंटर्नशिप के बाद नौकरी के प्रस्ताव में बदलने की दर में सुधार हुआ है।
वहीं, एआई के बढ़ते प्रभाव से कैंपस से निकलने वाले युवाओं के लिए जरूरी कौशल भी बदल रहे हैं। इससे नए कौशल की मांग बढ़ रही है और नौकरियों की भूमिकाओं तथा उनकी आवश्यकताओं में बदलाव हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर भूमिका और क्षमता के मेल पर जोर देने से कर्मचारियों को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद मिली है।
डेलॉयट इंडिया के भागीदार डॉ. नीलेश गुप्ता ने कहा, “कैंपस भर्ती बाजार अब अधिक चयनात्मक और अलग-अलग जरूरतों पर केंद्रित हो रहा है। एआई, डेटा, डिजिटल जोखिम और प्रौद्योगिकी से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में 20-25 प्रतिशत तक अधिक वेतन दिया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि विभिन्न डिग्री के स्तर पर वेतन में दो से छह प्रतिशत की सामान्य वृद्धि हुई है, हालांकि संस्थान के स्तर के आधार पर इसमें काफी अंतर है।
गुप्ता ने कहा कि लैंगिग विविधता भी अब कैंपस भर्ती का स्पष्ट लक्ष्य बन गई है और 2025-26 के भर्ती लक्ष्य में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत रखी गई है।
भाषा योगेश अजय
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