लंदन, 12 मार्च (भाषा) ऑस्ट्रेलिया की पूर्व क्रिकेटर लीसा कीटली ने इस पर निराशा व्यक्त की है कि वह महिला हंड्रेड क्रिकेट टूर्नामेंट में एकमात्र महिला मुख्य कोच हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में और महिलाएं इस भूमिका को निभाएंगी।
एमआई लंदन की जिम्मेदारी संभालने वाली कीटली बुधवार को हुई खिलाड़ी नीलामी में भाग लेने वाली आठ टीमों में एकमात्र महिला मुख्य कोच थीं।
खिलाड़ियों के वेतन में काफी वृद्धि हुई है। नीलामी में कुल 178 क्रिकेटरों की बोली लगाई गई।
कीटली ने ‘ईएसपीएनक्रिकइन्फो’ से कहा, ‘‘महिला क्रिकेट वास्तव में तेजी से बदल रहा है। मेरा मानना है कि तीन प्रमुख देश भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया बेहद प्रतिस्पर्धी टी20 प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहे हैं। इससे वास्तव में महिला क्रिकेट और वेतन समानता को बढ़ावा मिल रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन महिला क्रिकेट काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए यह वास्तव में अच्छी बात है।’’
कीटली ने आगे कहा, ‘‘मुझे केवल यह चीज निराशाजनक लगती है कि मैं जब अपने चारों ओर देखती हूं तो पाती हूं कि मैं अकेली महिला मुख्य कोच हूं। मैं चाहती हूं कि और महिलाएं भी यह जिम्मेदारी संभाले। उम्मीद है भविष्य में ऐसा होगा।’’
‘द हंड्रेड’ क्रिकेट लीग 21 जुलाई से 16 अगस्त तक खेली जाएगी।
कीटली ने कहा, ‘‘हमारे पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग देने वाली कुछ महिलाएं हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि कोचिंग स्टाफ में महिला कोच होंगी, इसलिए इस दृष्टिकोण से देखें तो चीजें तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन एकमात्र महिला कोच होने के नाते, सच कहूं तो यह थोड़ा निराशाजनक है।’’
कीटली को कोचिंग का व्यापक अनुभव है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत में शीर्ष राष्ट्रीय टीमों, प्रांतीय टीमों और प्रमुख टी20 फ्रेंचाइजी लीग में कोच की भूमिका निभाई है। वह महिला प्रीमियर लीग में 2025 में मुंबई इंडियंस की मुख्य कोच थी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर महिलाओं को मुख्य कोच बनने का मौका मिलता है तो उन्हें उसे स्वीकार करना चाहिए। अगर कोई आपसे कहे कि वे आपको मुख्य कोच बनाना चाहते हैं तो यह मत सोचिए कि आप तैयार नहीं हैं। आपको इस मौके को लपक लेना चाहिए, साहसी बनना चाहिए, खुद पर भरोसा रखना चाहिए और अपने आस-पास अच्छे लोगों को रखना चाहिए, और आप सफल हो जाएंगे।’’
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