Petrol Diesel Purchase New Rules: वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव! पेट्रोल-डीजल खरीद पर सरकार का नया नियम, जानिए अब कितनी मात्रा में मिलेगा फ्यूल

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Petrol Diesel Purchase New Rules: केंद्र सरकार ने नी गाइडलाइन जारी की है। जिसके अनुसार औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहकों को अब पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल खरीदने की अनुमति नहीं होगी। यह नियम ईंधन वितरण को नियंत्रित करने और पारर्शिता बढ़ाने के मकसद से लागू किया गया है।

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 11:47 AM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 11:50 AM IST

(Petrol Diesel Purchase New Rules/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए पेट्रोल पंप से खरीद पर रोक।
  • नियम 90 दिनों के लिए अस्थायी रूप से लागू।
  • बड़े उपभोक्ताओं को अब केवल थोक केंद्रों से ईंधन मिलेगा।

नई दिल्ली: Petrol Diesel Purchase New Rules: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीदी को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को सीधे पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं होगी। यह नियम शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है। इस अवधि में बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन केवल थोक बिक्री केंद्रों से ही खरीदना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के मुताबिक यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। आम उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े इसलिए रिटेल पेट्रोल पंपों पर कीमतें सीमित रखी गईं। जबकि थोक ग्राहकों के लिए कीमतें ज्यादा हो गईं। इससे कई बड़े उद्योग सस्ते रेट के कारण पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में तेल खरीदने लगे। जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ गया।

पेट्रोल पंपों पर बढ़ी समस्या

थोक ग्राहकों द्वारा रिटेल पेट्रोल पंपों से बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने के कारण सामान्य उपभोक्ताओं को दिक्कत होने लगी। टेलीकॉम टावर, फैक्ट्रियां और अन्य बड़ी इकाइयां सस्ता ईंधन पाने के लिए पेट्रोल पंपों का रुख कर रही थीं। इसके कारण कई जगह ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होने लगी और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह नया नियम लागू किया है।

नए नियम और सीमाएं क्या हैं?

नए आदेश के अनुसार अब औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयां पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकती। उन्हें केवल अधिकृत थोक डीलरों से ही ईंधन लेना होगा। इसके अलावा किसी भी वाहन या ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जा सकेगा। पेट्रोल पंप से खरीदे गए ईंधन को आगे मुनाफे के लिए बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सख्त कार्रवाई का प्रावधान

सरकार ने नियमों के पालन के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था भी लागू की है। अधिकृत अधिकारी, डीएसपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारी और तेल कंपनियों के वरिष्ठ सेल्स अधिकारी पेट्रोल पंपों की जांच कर सकते हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर ईंधन जब्त करने और कानूनी कार्रवाई का अधिकार भी उन्हें दिया गया है। सरकार ने राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। ताकि ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।

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नई पेट्रोल-डीजल गाइडलाइन क्या है?

नई गाइडलाइन के तहत इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई है।

यह नियम कितने दिनों के लिए लागू है?

यह नियम शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है।

अब बड़े उपभोक्ता ईंधन कहाँ से खरीदेंगे?

उन्हें अब केवल थोक बिक्री केंद्रों (Bulk Sale Points) से ही ईंधन खरीदना होगा।

क्या एक दिन में डीजल खरीद की कोई सीमा है?

हां, एक वाहन या ग्राहक अधिकतम 200 लीटर डीजल प्रति दिन खरीद सकता है।