राणा के निधन से भारतीय खेलों को बड़ी क्षति: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बिंद्रा ने दी श्रद्धांजलि

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राणा के निधन से भारतीय खेलों को बड़ी क्षति: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बिंद्रा ने दी श्रद्धांजलि

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 12:19 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 12:19 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी और प्रतिष्ठित कोच जसपाल राणा के असामयिक निधन पर पूरे खेल जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित खेल जगत की कई हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

राणा का शुक्रवार तड़के दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 49 वर्ष के थे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा, “जसपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। वह एक प्रख्यात निशानेबाज थे, जिनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की विभिन्न निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतने वाले राणा ने भारतीय खेल जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी।

राष्ट्रपति ने कहा, “एक खिलाड़ी और मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने युवा प्रतिभाओं को निखारकर खेल जगत में अमिट योगदान दिया। उनका समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।

मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘जसपाल राणा जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राणा ने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाया तथा एक कोच के रूप में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्कृष्टता, अनुशासन और खेल जगत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें अपार सराहना दिलाई। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और संपूर्ण खेल जगत के साथ हैं। ओम शांति।’’

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी भारतीय निशानेबाजी में राणा के योगदान को याद किया।

मांडविया ने कहा, ‘‘भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। एक चैंपियन एथलीट और बेहतरीन मेंटर के तौर पर देश के लिए उनके शानदार योगदान ने एक प्रेरणादायक विरासत छोड़ी है। उनके परिवार, दोस्तों और खेल जगत से जुड़े लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने राणा के निधन पर गहरा दुख जताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जसपाल राणा के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जसपाल भारतीय टीम में मेरे साथी थे और कई मायनों में उस पीढ़ी का हिस्सा थे, जिसने भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा दी। वे बहुत जुनूनी और प्रतिभाशाली थे। वे हमेशा प्रतियोगिताओं में देश का मान-सम्मान सर्वोपरि रखते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे खेल जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार, दोस्तों, शिष्यों और उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं, जिनके जीवन पर उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी।’’

लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज विजय कुमार ने भी राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि एक निशानेबाज और कोच के तौर पर पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘राणा जी एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में टीम में मेरे साथी खिलाड़ी थे। यह खेल और देश, दोनों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह एक उत्कृष्ट कोच भी थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले ही मुझे पता चला था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वे हमें इस तरह छोड़कर चले जाएंगे। मैं स्तब्ध हूं।’’

एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा को भारत के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में गिना जाता था। खिलाड़ी जीवन के बाद उन्होंने कोच के रूप में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और कई युवा निशानेबाजों को तैयार किया। इनमें दो बार की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मनु भाकर का नाम प्रमुख है।

पूर्व विश्व नंबर एक डबल ट्रैप निशानेबाज रोंजन सोढ़ी ने राणा के निधन को बेहद दुखद और चौंकाने वाला बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘पता चला कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। सच कहूं तो मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा। यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वह मेरे बहुत करीबी मित्र और एक बेहतरीन इंसान थे। मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘असल में, वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने हमें दिखाया कि वैश्विक प्रतियोगिताओं में कैसे जीत हासिल की जाती है (जापान के हिरोशिमा में 1994 के एशियाई खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद)।’’

भाषा आनन्द पंत

पंत