दुबई, 24 अगस्त (भाषा) भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो पर कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई झड़प के लिए मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।
दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है।
भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई। जायसवाल फर्नांडो की ओर बढ़े और दोनों ने एक-दूसरे से कुछ कहा। इसके बाद फर्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की ओर बढ़ाया। जवाब में जायसवाल भी आगे झुके जिससे दोनों के सिर आपस में टकरा गए।
आईसीसी ने बयान में कहा, ‘‘दोनों खिलाड़ियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और आईसीसी के एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को मान लिया इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।’’
दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी की आचार संहिता के नियम 2.12 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह नियम किसी खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति (अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान दर्शक सहित) के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से संबंधित है।
आईसीसी ने कहा, ‘‘फर्नांडो और जायसवाल के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है जिनका पिछले 24 महीने में कोई पूर्व अपराध नहीं था।’’
दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले जायसवाल ने अपने व्यवहार का बचाव करते हुए कहा था कि अगर किसी को पता नहीं है कि सामने वाले ने क्या कहा तो उसे फैसला नहीं सुनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई सीमा पार करता है तो उसे जवाब देना जरूरी है और ‘भारत लड़ेगा और जवाब देगा।’
मैदानी अंपायरों अहसान रजा और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर रॉड टकर तथा चौथे अंपायर प्रगीत रामबुकवेला ने दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आरोप लगाए थे।
लेवल एक के उल्लंघन के लिए न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है जबकि अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हैं।
भाषा सुधीर पंत
पंत