जम्मू-कश्मीर की रणजी जीत सामूहिक प्रयास और वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा: खिलाड़ी, कोच

जम्मू-कश्मीर की रणजी जीत सामूहिक प्रयास और वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा: खिलाड़ी, कोच

जम्मू-कश्मीर की रणजी जीत सामूहिक प्रयास और वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा: खिलाड़ी, कोच
Modified Date: March 8, 2026 / 06:48 pm IST
Published Date: March 8, 2026 6:48 pm IST

जम्मू, आठ मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और कोच ने अपनी ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत को वर्षों की मेहनत, सामूहिक प्रयास और बेहतर सुविधाओं का नतीजा बताया।

उनका कहना है कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में युवाओं को प्रेरणा मिली है।

जम्मू-कश्मीर ने 28 फरवरी को हुबली में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक क्रिकेट टीम से ड्रॉ खेलकर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा टीम को सम्मानित किए जाने के बाद कप्तान पारस डोगरा ने पीटीआई से कहा कि यह जीत लंबे सफर का नतीजा है और उन्होंने सफलता का श्रेय टीम के पूरे सहयोगी ढांचे को दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक लंबी यात्रा रही है। इस उपलब्धि में कई लोगों का योगदान है और बहुत मेहनत लगी है। हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हमेशा से थे, बस उन्हें सही दिशा और एकता की जरूरत थी। जब खिलाड़ी, चयन समिति और संघ सभी एक साथ हुए तभी हम यह नतीजा हासिल कर सके। ’’

क्रिकेटर आकिब नबी ने कहा कि यह जीत खास इसलिए है क्योंकि टीम पिछले कुछ वर्षों से लगातार मेहनत कर रही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले तीन-चार साल में हमने बहुत मेहनत की है। हमने ज्यादा अभ्यास मैच खेले और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने के लिए कई जगहों की यात्रा की। यह परिणाम पूरी टीम के सामूहिक प्रयास और संघ के समर्थन को दर्शाता है। ’’

एक अन्य खिलाड़ी कन्हैया वाधवन ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी टीम, प्रशासन और क्षेत्र के क्रिकेट समुदाय की सामूहिक मेहनत का नतीजा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी टीम, संघ और प्रशासन की मेहनत है। मैं कहूंगा कि यह जम्मू-कश्मीर के पूरे क्रिकेट समुदाय का सामूहिक प्रयास है। उनके समर्थन की वजह से ही हम यहां तक पहुंचे हैं। ’’

टीम के कोच अजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम में बने सकारात्मक माहौल को इस ऐतिहासिक जीत का कारण बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास बड़े स्टार खिलाड़ी नहीं थे, लेकिन हमारे पास विश्वास था। खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनमें कुछ बड़ा हासिल करने की क्षमता है। हमने ऐसा सकारात्मक माहौल बनाया जहां खिलाड़ी एक-दूसरे का साथ देते थे, चाहे कोई कठिन दौर से ही क्यों न गुजर रहा हो। ’’

उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि बेहतर बुनियादी ढांचा जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के विकास को और मजबूत करेगा।

जम्मू-कश्मीर टीम के सदस्यों ने रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप फाइनल के लिए भारतीय टीम को शुभकामनाएं भी दीं।

भाषा नमिता मोना

मोना


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