(देवार्चित वर्मा)
मुंबई, 18 मार्च (भाषा) विश्व स्क्वाश रैंकिंग के शीर्ष-20 में जगह बनाने वाली सबसे कम उम्र की एशियाई खिलाड़ी बनने के बाद 17 साल की अनाहत सिंह जानती हैं कि शीर्ष -10 में जगह बनाना कहीं अधिक मुश्किल होगा क्योंकि उन्हें शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
दीपिका पल्लीकल और जोशना चिनप्पा पीएसए रैंकिंग में 10वें स्थान तक पहुंची थीं लेकिन उससे आगे नहीं बढ़ पाईं। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद अनाहत कम उम्र और खास प्रतिभा के दम पर वह कर सकती हैं जो आज तक किसी भारतीय ने नहीं किया।
अनाहत ने इंडियन ओपन के दौरान पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह काफी मुश्किल होने वाला है। शीर्ष-20 में जगह बनाना उतना मुश्किल नहीं था जितना शीर्ष-10 में जगह बनाना होगा क्योंकि अब जब आप इतने ऊंचे स्तर पर होते हैं तो एक भी पायदान ऊपर चढ़ना काफी मुश्किल होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि यह मुश्किल होगा और मुझे यह भी पता है कि इसमें काफी समय लगेगा। मैं कड़ी ट्रेनिंग करने, अपने खेल को बेहतर बनाने और शीर्ष खिलाड़ियों के साथ खेलने के लिए बहुत उत्साहित हूं।’’
अनाहत ने स्वीकार किया कि अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें अपने कोच के साथ मिलकर अपनी योजनाओं और सफलता के फॉर्मूले पर फिर से विचार करने की भी जरूरत होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे कभी ऐसा करना पड़ा तो यह बस अपने कोच से बात करने और उनसे आत्मविश्वास पाने के बारे में है। उन्हें पता होता है कि मैं किन चीजों की आदी हूं और मैं क्या कर रही हूं।’’
पंद्रह साल की उम्र में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी अनाहत ने कहा, ‘‘बस उनसे बात करना और खुद को उस स्थिति में देखना—यह कुछ ऐसा है जो मुकाबलों के दौरान थोड़ा घबराए होने पर मेरी मदद करता है।’’
अनाहत चीजों को सामान्य बनाए रखने में विश्वास रखती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी जब आप लगातार काफी सारे टूर्नामेंट खेलते हैं तो आप थोड़ा थके जाते हो। आपके शॉट उस तरह नहीं जाते जिस तरह उन्हें जाना चाहिए। ये यह सुनिश्चित करना है कि आप अपना पुराना खेल खेलें।’’
भाषा सुधीर नमिता
नमिता