Swami Avimukteshwaranand News: बिलासपुर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा खुलासा, बताया क्यों लगाया गया सेक्सुअल हरासमेंट का आरोप.. CM योगी आदित्यनाथ से मतभेद को लेकर भी कही ये बात

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Swami Avimukteshwaranand in Bilaspur: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिलासपुर में गौरक्षा, राजनीति, सनातन धर्म और योगी आदित्यनाथ से जुड़े सवालों पर खुलकर बातचीत की।

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 03:40 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 03:41 PM IST

Swami Avimukteshwaranand in Bilaspur || Image- Sanatan Prabhat File

HIGHLIGHTS
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गौरक्षा पर बयान
  • सनातन धर्म के खतरे पर चिंता जताई
  • योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप

बिलासपुर: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर पहुंचे हुए है। यहां उन्होंने एक निजी कार्यक्रम में भक्तों से मुलाकात की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने देश की एकता और धर्म के नाम पर हो रहे ध्रुवीकरण पर बड़ा बयान दिया। (Swami Avimukteshwaranand in Bilaspur) स्वामी ने कहा कि यदि एकता सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए बनाई जाती है, तो उसका समाज को कोई फायदा नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे एकता हो या ध्रुवीकरण, उसका समाज को लाभ होना चाहिए।

क्या सनातन धर्म खतरे में?

सनातन धर्म के खतरे में होने की खबरों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन धर्म खतरे में जरूर है, लेकिन वह किसी बाहरी ताकत से नहीं, बल्कि खुद सनातन में घुल-मिल कर रहने वाले कालनेमियों से है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि इनसे बचा जाना चाहिए, ताकि सनातन धर्म सुरक्षित रह सके।

गौरक्षा को लेकर नेताओं पर साधा निशाना

गौरक्षा के मुद्दे पर स्वामी ने कहा कि यह इसलिए नहीं हो पा रही, क्योंकि राजनेताओं की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। उनके अनुसार, मंच पर राजनेता माइक में कुछ और बोलते हैं, (Swami Avimukteshwaranand in Bilaspur) लेकिन धरातल पर उनका काम कुछ और ही दिखाई देता है, जिससे गौरक्षा की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

योगी आदित्यनाथ से मतभेद पर कही ये बात

योगी आदित्यनाथ से मतभेद पर स्वामी ने स्पष्ट किया कि उनका किसी से भी मतभेद नहीं है, लेकिन अगर कोई गौरक्षा की बात करके वोट लेता है और फिर उसे पूरा नहीं करता, तो उन्हें बोलने का हक है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि अगर उनकी नियत सही होती तो 9 साल में गौरक्षा के लिए कदम उठाए गए होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके कारण वे योगी आदित्यनाथ को हिंदू नहीं मानते।

सेक्स हरासमेंट के आरोपों पर भी दी प्रतिक्रिया

वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर स्वामी ने कहा कि राजनीति में न तो कोई स्थाई मित्र होता है और न ही स्थाई शत्रु। यह हमेशा मौके पर आधारित होता है, और राजनीतिक लोग अपनी रणनीति के अनुसार मित्र और शत्रु बदलते रहते हैं। (Swami Avimukteshwaranand in Bilaspur) इसके अलावा, सवर्ण यूजीसी के बारे में उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज को बांटने वाला कानून है और इसे लागू नहीं होना चाहिए। वहीं, सेक्स हरासमेंट के आरोपों पर स्वामी ने कहा कि चूंकि वह गौमाता की रक्षा की बात कर रहे हैं, सत्तारूढ़ पार्टियां उन्हें रोकने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल कर रही हैं।

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Q1. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौरक्षा पर क्या कहा?

स्वामी ने कहा कि नेताओं की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है, इसलिए गौरक्षा नहीं हो रही।

Q2. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी आदित्यनाथ पर क्या आरोप लगाए?

स्वामी ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ ने गौरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

Q3. स्वामी ने सवर्ण यूजीसी कानून पर क्या प्रतिक्रिया दी?

स्वामी ने इसे हिंदू समाज को बांटने वाला कानून बताया और इसके खिलाफ आवाज उठाई।