अंतिम समय में शामिल हुए कामरन इकबाल ने शतक जड़कर दिया योगदान
अंतिम समय में शामिल हुए कामरन इकबाल ने शतक जड़कर दिया योगदान
हुबली, 28 फरवरी (भाषा) चोटिल शुभम खजूरिया की जगह तुरंत जम्मू-कश्मीर की टीम में शामिल हुए कामरन इकबाल ने फ्लाइट की थकान से पार पाते हुए अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ नाबाद 160 रन की पारी खेलकर टीम को रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में मदद की।
इकबाल का रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक जड़ना शानदार रहा। वह श्रीनगर में अपने घर पर आराम कर रहे थे क्योंकि वह मूल टीम का हिस्सा नहीं थे। तभी उन्हें तुरंत टीम में शामिल होने के लिए फोन आया।
इस स्टाइलिश सलामी बल्लेबाज को 23 फरवरी को दोपहर तीन बजे टीम प्रबंधन का फोन आया और उन्हें अगले दिन सुबह नौ बजे खेल शुरू होने से पहले टीम में शामिल होना था।
उन्होंने कहा, ‘‘शुभम खजूरिया चोटिल हो गए थे और मुझे टीम प्रबंधन का फोन आया। मैंने शाम की फ्लाइट ली और सुबह आठ बजे यहां पहुंच गया। ’’
कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में इकबाल की बल्लेबाजी में ‘जैट लैग’ (फ्लाइट के कारण थकान) का असर साफ दिख रहा था और वह सिर्फ छह रन पर आउट हो गए।
लेकिन दूसरी पारी में शानदार शतक बनाकर इस मौके का पूरा फायदा उठाया। अपने प्रदर्शन पर इकबाल ने कहा, ‘‘यह आत्मविश्वास और रणनीति दोनों की वजह से था क्योंकि पहले दिन गेंद नयी थी। ’’
कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ होने के बाद जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इकबाल ने इस सफर का हिस्सा रहे सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ को बधाई जिसकी शुरूआत मैं संघ के प्रशासन से करूंगा। मिथुन (मन्हास) सर भी वहां थे, अजय (कोच शर्मा) सर, माजिद सर। हमने सत्र से पूर्व काफी अभ्यास किया, हमें खेलने के लिए बाहर भेजा गया था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘राजेश सर टीम के लिए बहुत ‘फोकस्ड’ हैं और किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेते। यह उसी का नतीजा है। ’’
इकबाल ने सीनियर खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘पारस और शुभम जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम का माहौल बहुत अच्छा रखते हैं। आकिब तेज रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं। सभी ने टीम के लिए अपनी कोशिश की हैं और सभी ने अपना योगदान दिया है। ’’
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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