कोहली ने फिर साबित किया कि टी20 क्रिकेट में तकनीक और धैर्य का कोई सानी नहीं है: शर्मा
कोहली ने फिर साबित किया कि टी20 क्रिकेट में तकनीक और धैर्य का कोई सानी नहीं है: शर्मा
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का मानना है कि आईपीएल फाइनल में इस स्टार बल्लेबाज के शानदार प्रदर्शन से यह साबित हो गया है कि सबसे छोटे प्रारूप में पावर-हिटिंग के साथ-साथ तकनीक और धैर्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं।
कोहली ने आईपीएल फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की गुजरात टाइटंस पर पांच विकेट से जीत में 42 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और तीन छक्के शामिल हैं।
शर्मा ने पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक सबक है कि यह प्रारूप केवल पावर हिटिंग या छक्के मारने तक सीमित नहीं है। अगर आपकी तकनीक अच्छी है तो आप बड़ा स्कोर बना सकते हैं और विराट ने आज यही साबित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके पास अच्छी तकनीक और जज्बा है और आप धैर्य बनाए रख सकते हैं तो आपको सफलता मिलेगी। यही वह चीज है जो विराट इतने लंबे समय से अपनी फ्रेंचाइजी के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट के लिए करते आ रहे हैं। वह युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण हैं कि टी20 क्रिकेट कैसे खेला जाता है।’’
भाषा
पंत
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