कोंस्टास की शतकीय पारी से ऑस्ट्रेलिया ए के पांच विकेट पर 337 रन , हर्ष दुबे को तीन विकेट

Ads

कोंस्टास की शतकीय पारी से ऑस्ट्रेलिया ए के पांच विकेट पर 337 रन , हर्ष दुबे को तीन विकेट

  •  
  • Publish Date - September 16, 2025 / 06:46 PM IST,
    Updated On - September 16, 2025 / 06:46 PM IST

लखनऊ, 16 सितंबर (भाषा) सैम कोंस्टास की शतकीय पारी और पहले विकेट के लिए कैंपबेल केलावे के साथ 198 रन की साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने पहले अनौपचारिक टेस्ट के शुरूआती दिन भारत ए के खिलाफ मंगलवार को यहां पांच विकेट पर 337 रन बना लिये।

हर्ष दुबे ने तीन विकेट लेकर मैच में भारत ए की कुछ हद तक वापसी कराई। दुबे ने 21 ओवर में 88 रन देकर तीन विकेट झटके।

कोंस्टास ने भारतीय टीम के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पदार्पण मैच में आक्रामक पारी से प्रभावित किया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के रिकार्डधारी दुबे की गेंद पर आउट होने से पहले परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए 144 गेंद की पारी में 10 चौके और तीन छक्कों की मदद से 109 रन बनाये।

इस 19 साल के खिलाड़ी को केलावे का शानदार साथ मिला जिन्होंने 97 गेंद में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 88 रन बनाये।

कोंस्टास और केलावे की जोड़ी ने भारतीय टेस्ट गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सहित अन्य गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखा कर टीम को 38वें ओवर में 200 रन के करीब पहुंचा दिया।

इस साझेदारी को गुरनूर बरार (47 रन पर एक विकेट) ने केलावे तनुष कोटियान के हाथों कैच कराकर तोड़ा।

इस साझेदारी के टूटने के बाद क्रीज पर आये कप्तान नाथन मैकस्वीनी (एक ) कुछ खास नहीं कर सके और दुबे का पहला शिकार बने। दुबे ने दायें हाथ के इस बल्लेबाज को पगबाधा करने के बाद कोंस्टास को भी बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई।

बायें हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (46 रन पर एक विकेट) ने ज्यादा समय गंवाये बिना ऑलिवर पिक (दो) को पगबाधा किया तब लगा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारत ए की टीम अब मैच पर पकड़ बना लेगी।

कूपर कॉनली (70) और लियन स्कॉट (नाबाद 47) ने पांचवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी कर एक बार फिर से मैच पर ऑस्ट्रेलिया ए का दबदबा कायम कर दिया।

इस साझेदारी को दुबे ने कॉनली को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराकर तोड़ा। कॉनली ने 84 गेंद की पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया।

स्टंप्स के समय स्कॉट के साथ जॉश फिलिप (नाबाद तीन) क्रीज पर मौजूद थे।

प्रसिद्ध कृष्णा और तनुष कोटियान को कोई सफलता नहीं मिली। कृष्णा ने 11 ओवर में 47 जबकि कोटियान ने 19 ओवर में 92 रन दिये।

भाषा आनन्द मोना

मोना