लॉर्ड्स की सफलता से महिला टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद: शांता रंगास्वामी

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लॉर्ड्स की सफलता से महिला टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद: शांता रंगास्वामी

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 10:39 AM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 10:39 AM IST

(हिमांक नेगी)

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) पूर्व भारतीय कप्तान शांता रंगास्वामी ने कहा कि लंदन के लॉर्ड्स में खेले गए महिला टेस्ट मैच में भारत की इंग्लैंड पर 270 रन की शानदार जीत ने महिलाओं के लिए भी लंबी अवधि के प्रारूप में अधिक मैच आयोजित करने की मांग को मजबूती मिली है।

उन्होंने इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से आयु वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लाल गेंद की क्रिकेट को फिर से शुरू करने का आग्रह किया।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ इस एकमात्र टेस्ट मैच में शुरू से लेकर आखिर तक दबदबा बनाए रखा। यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी, जबकि क्रांति गौड़ ने भी पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर जीत पक्की कर दी।

रंगास्वामी ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था। लॉर्ड्स में पहली बार खेलना। वह भी टेस्ट मैच खेलना और उसमें भी जीत हासिल करना।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने इंग्लैंड को 270 रन की बड़े अंतर से हराया तथा उसकी दो खिलाड़ियों ने सम्मान बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया। मुझे लगता है कि इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।’’

इस पूर्व ऑलराउंडर का मानना ​​है कि भारत के प्रदर्शन ने मजबूत तकनीक वाले खिलाड़ियों को तैयार करने में लाल गेंद के क्रिकेट के महत्व को उजागर किया है।

रंगास्वामी ने कहा, ‘‘जब मैं बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की सदस्य थी तो मैं अक्सर महिला क्रिकेट में लंबी अवधि के प्रारूप की प्रतियोगिताओं के आयोजन पर जोर देती थी। पिछले साल इसे फिर से शुरू किया गया लेकिन केवल अंतरक्षेत्रीय स्तर पर और वह भी नॉकआउट प्रारूप में।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा बीसीसीआई से आग्रह है कि वह अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर टीमों के लिए लंबी अवधि के प्रारूप की प्रतियोगिताओं को शुरू करे, जैसा कि कई साल पहले किया जाता था। हमारी महिला क्रिकेटरों के कौशल को निखारने के लिए यही एकमात्र तरीका है।’’

रंगास्वामी ने पुरुषों के खेल से तुलना करते हुए कहा कि लंबी अवधि के प्रारूप का क्रिकेट के बेहतर तकनीक वाले क्रिकेटर तैयार करने में मदद करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विराट कोहली या स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट तकनीक के कारण तीनों प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में हर स्तर पर इसी तकनीक को विकसित करने की जरूरत है।’’

रंगास्वामी ने कहा, ‘‘मैंने यास्तिका से बात की। वह चोट से उबरकर भी अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसके लिए बहुत आत्मविश्वास की जरूरत होती है। उसने शानदार खेल दिखाया।’’

भाषा

पंत

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