कोलकाता, 15 जून (भाषा) ओडिशा के 100 मीटर दौड़ के पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अमिया कुमार मलिक ने सोमवार को अपने राज्य की चयन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय एथलीटों को नजरअंदाज किया जा रहा है जबकि भुवनेश्वर के हाई परफोर्मेंस केंद्र में ट्रेनिंग लेने वाले दूसरे राज्यों के एथलीट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दूसरे राज्यों के कई एथलीट भुवनेश्वर में रिलायंस फाउंडेशन के ओडिशा एथलेटिक्स हाई परफोर्मेंस केंद्र से जुड़ने के बाद ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मलिक की यह टिप्पणी भुवनेश्वर में 24 से 28 जून तक होने वाली राष्ट्रीय अंतर राज्यीय सीनियर चैंपियनशिप से पहले आई है जिसमें वह सिर्फ पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में हिस्सा लेंगे।
उन्हें व्यक्तिगत 100 मीटर स्पर्धा से बाहर रखा गया है क्योंकि ओडिशा का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य के शीर्ष तीन खिलाड़ियों अनिमेष कुजूर, लालू प्रसाद भोई और डीएम जयराम को चुना गया है।
मलिक ने यहां साइ परिसर में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज 11 के दौरान पीटीआई से कहा, ‘‘मैंने राज्य संघ को लिखा है। देखते हैं क्या होता है। आखिरकार सिर्फ तीन खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं। अगर उन जगहों में से एक पर ओडिशा का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई बाहरी व्यक्ति है तो आपके राज्य की प्रतिभा का नुकसान होगा।’’
मलिक के नाम 2016 से 2023 तक 10.26 सेकेंड का 100 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। उन्होंने कहा कि रचिता मिस्त्री, अनुराधा बिस्वाल और दुती चंद जैसे खिलाड़ी देने वाली ओडिशा की फर्राटा धावकों की श्रृंखला के रुकने का खतरा है क्योंकि स्थानीय एथलीट को मौके नहीं मिल रहे हैं।
मलिक ने कहा, ‘‘अगर आप इतिहास देखें तो ओडिशा का फर्राटा स्पर्धाओं में दबदबा रहा है – रचिता से लेकर अनुराधा, दुती और फिर मेरी पीढ़ी तक। हमारे पास काबिलियत है और अब भी प्रतिभाशाली युवा आगे आ रहे हैं।’’
इस 33 साल के धावक ने कहा, ‘‘एक सीनियर एथलीट के तौर पर मेरा बस यही कहना है कि हमें किसी भी कीमत पर कामयाबी पाने के बजाय अपनी प्रतिभा को निखारने पर ध्यान देना चाहिए।’’
मलिक ने तर्क दिया कि राज्य द्वारा वित्त पोषित हाई परफोर्मेंस कार्यक्रम का मकसद राज्य के भीतर खिलाड़ियों का विकास होना चाहिए, ना कि बाहर से खिलाड़ियों को लाना।
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