मुंबई, 15 जून (भाषा) सीमा शुल्क निवारक शाखा ने मुंबई तट के पास एक रूसी ध्वज वाले प्रतिबंधित जहाज और एक भारतीय बंकर बार्ज को रोककर ईंधन की तस्करी और हस्तांतरण करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिन पर विदेशी जहाज को बहुत कम सल्फर वाले ईंधन तेल की आपूर्ति करने का आरोप है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, फर्जी निर्यात दस्तावेजों के माध्यम से रूसी ध्वज वाले जहाज ‘एमटी अंगारा’ को लगभग 200 टन कम सल्फर वाले ईंधन की अवैध आपूर्ति की जा रही थी।
यह विदेशी जहाज संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के दायरे में है।
सीमा शुल्क अधिकारियों ने कहा कि एमटी अंगारा और भारतीय बंकर बार्ज एमवी बे तीन को नियमित गश्त के दौरान उस समय रोका गया, जब भारतीय बंकर बार्ज एम टी अंगारा को ईंधन की आपूर्ति कर रहा था।
जांच में सामने आया कि ईंधन आपूर्ति फर्जी भारतीय तेल निर्यात चालानों के जरिए की जा रही थी और इसमें अनिवार्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं जैसे निर्यात शिपिंग बिल दाखिल करने से बचा गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था कर और घरेलू शुल्क से बचने के लिए अपनाई गई थी।
बार्ज का संचालन करने वाली कंपनी का मालिक नवी मुंबई स्थित एक शिपिंग फर्म चलाता है, जो पहले से ही इस नेटवर्क में कथित भूमिका को लेकर जांच के दायरे में है।
अधिकारियों ने एमटी अंगारा से ‘बंकर डिलीवरी नोट्स’ और ‘फ्यूल टेस्ट रिपोर्ट’ भी बरामद किए हैं, जिन्हें ईंधन के अवैध लेन-देन का सबूत माना जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि फर्जी दस्तावेज और शिपिंग बिल एक अन्य नवी मुंबई स्थित साजो-सामान उपलब्ध कराने वाली एक कंपनी ने तैयार किए थे। इसके मालिकों को भी जांच में नामजद किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा न केवल कर चोरी के लिए किया गया था, बल्कि प्रतिबंधित रूसी जहाज को अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों से बचाने की कोशिश भी थी।
नेटवर्क से जुड़े स्थानीय सहयोगियों और विदेशी बैंकिंग चैनलों की जांच जारी है।
भाषा राखी रंजन
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