मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने शुक्रवार को अपने संबद्ध क्लबों की वित्तीय स्थिरता और जमीनी स्तर पर क्रिकेट को मजबूत करने के लिए अगले 10 वर्षों में 500 करोड़ रुपये का सब्सिडी कोष बनाने का फैसला किया।
इसके साथ ही ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम के कुछ लाउंज का नाम महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अजिंक्य रहाणे और दिवंगत माधव मंत्री के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया। ये फैसले एमसीए की शुक्रवार को हुई वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में लिए गए।
इस साल अप्रैल में एमसीए की शीर्ष परिषद ने सभी संबद्ध क्लबों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का सब्सिडी कोष बनाने को मंजूरी दी थी।
इस कोष का उद्देश्य मुंबई में जमीनी स्तर के क्रिकेट ढांचे को मजबूत करना और क्लबों को सुविधाओं के रखरखाव, प्रतिभा विकास तथा संचालन क्षमता बढ़ाने में मदद करना है।
एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने बताया कि इस कोष में 40 करोड़ रुपये का योगदान किया जाएगा, जिससे अगले 10 वर्षों में इसकी कुल राशि 500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
नाइक ने कहा, “पिछली एजीएम में हमने इसे 100 करोड़ रुपये रखा था, लेकिन इस बार जमीनी स्तर के क्रिकेट और क्लबों के लिए इसे बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया है। क्लब इसका इस्तेमाल लॉजिस्टिक्स या उपकरणों के लिए भी करते हैं।”
नाइक ने कहा, “हमने उनके लिए (तेंदुलकर, रहाणे और माधव मंत्री) एक-एक लाउंज निर्धारित करने का फैसला किया है। इसके लिए सचिवों के साथ तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।”
इस समिति में एमसीए के उपाध्यक्ष जितेंद्र आव्हाड, शीर्ष परिषद के सदस्य मिलिंद नार्वेकर और अधिवक्ता उज्ज्वल निकम शामिल हैं।
बैठक में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अमजद सैयद को एमसीए का लोकपाल नियुक्त किया गया। वहीं, एमसीए की क्रिकेट समिति के कार्यकाल को भी विस्तार दिया गया है। समिति में राजू कुलकर्णी अध्यक्ष, जबकि संगीता काटवारे और प्रीति डिमरी सदस्य हैं।
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आनन्द
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