मंत्रालय ने इंडिया ओपन में अव्यवस्था के बाद साइ से सुधार के लिये कहा

मंत्रालय ने इंडिया ओपन में अव्यवस्था के बाद साइ से सुधार के लिये कहा

मंत्रालय ने इंडिया ओपन में अव्यवस्था के बाद साइ से सुधार के लिये कहा
Modified Date: January 19, 2026 / 09:06 pm IST
Published Date: January 19, 2026 9:06 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के आयोजन में हुई त्रुटियों को गंभीरता से लेते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के अधिकारियों से मुलाकात कर ‘सुधार के उपाय’ करने के लिये कहा ताकि भविष्य में फिर ऐसी स्थिति पैदा नहीं हो ।

समझा जाता है कि खेलमंत्री ने स्टेडियम प्रशासकों के साथ बैठक की जो टूर्नामेंट के दौरान मौजूद नहीं थे । उनसे पिछले सप्ताह टूर्नामेंट में अव्यवस्था के लिये सफाई मांगी गई ।

भारत की ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दावेदारी के लिये भी यह साल बहुत महत्वपूर्ण है और ऐसे में इस चूक से स्थिति बिगड़ सकती है ।

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दिल्ली की वायु गुणवत्ता का खराब स्तर तो नियंत्रण में नहीं है लेकिन मैचों के दौरान कबूतर के कोर्ट पर बीट करने, दर्शक दीर्घा में बंदर की मौजूदगी, वॉशरूम और अभ्यास के स्थलों पर स्वच्छता के अभाव जैसी घटनाओं पर साइ को स्पष्टीकरण देना होगा ।

एक जानकार सूत्र ने कहा ,‘‘ खेलमंत्री ने इस पर गौर किया है और साइ अगले कुछ दिन में सुधार के उपायों का ब्यौरा देगा ।’’

स्टेडियम के रख रखाव के लिये जिम्मेदार साइ की इस अव्यवस्था के लिये काफी आलोचना हो रही है चूंकि अगस्त में इसी स्थान पर बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप होनी है।

डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने हालात को अस्वास्थ्यकर बताया था और बीडब्ल्यूएफ से विश्व चैम्पियनशिप को लेकर दखल की मांग की थी ।

देश में खेलों के बुनियादी ढांचे के रख रखाव और राष्ट्रीय शिविरों के संचालन का दारोमदार साइ पर है । भारतीय बैडमिंटन संघ को टूर्नामेंट से चंद हफ्ते पहले ही स्टेडियम मिला था लेकिन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की शिकायतों के बाद उसे मीडिया का कोपभाजन बनना पड़ा ।

एक अन्य सूत्र ने कहा ,‘‘ हालात पर नियंत्रण के लिये उप निदेशक स्तर के अधिकारी की जरूरत थी जैसे साइ ने पिछले साल जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में पैरा विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के दौरान किया था जिसका आयोजन सफल रहा था ।’’

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने सदस्य देशों से फीडबैक के जरिये अपने मानदंडों पर पुनर्विचार के लिये ओलंपिक मेजबान चयन प्रक्रिया को रोक रखा है । लेकिन इस साल प्रक्रिया बहाल होने की उम्मीद है और भारत को कतर का सामना करना है जो विभिन्न खेलों में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है ।

एक सूत्र ने कहा ,‘‘ ओलंपिक की मेजबानी के लिये अहमदाबाद दौड़ में है लेकिन इंडिया ओपन जैसी घटनाओं से नकारात्मक छवि बनती है । आईओसी तक ये चीजें पहुंचती हैं और मतदान पर असर पड़ सकता है । आत्मविश्वास बहाल करने के लिये ही नहीं बल्कि यह दिखाने के लिये भी सुधार के उपाय जरूरी हैं कि हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकन गंभीर हैं ।’’

भाषा मोना

मोना


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