खाद्य विषाक्ता के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूका: सेल्वा प्रभु

Ads

खाद्य विषाक्ता के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूका: सेल्वा प्रभु

  •  
  • Publish Date - August 3, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 05:57 PM IST

… सुमन रे..

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता सेल्वा प्रभु का मानना है कि खाद्य विषाक्ता (फूड पॉइजनिंग) के कारण वह ग्लास्गो में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गये। सेल्वा ने कहा कि वह अगर अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (17.05 मीटर ) के करीब भी पहुंच जाते तो आसानी से स्वर्ण पदक अपने नाम कर सकते थे। सेल्वा ने पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में 16.52 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। इस मुकाबले में भारत के ही प्रवीण चित्रावेल (16.58 मीटर) ने रजत और स्कॉटलैंड के जॉर्डन स्कॉट (16.72 मीटर) ने स्वर्ण पदक हासिल किया। सेल्वा ने ग्लास्गो से वापस लौटने के बाद यहां ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मुझे अफसोस है कि मैं स्वर्ण पदक नहीं जीत सका। मेरी पूरी कोशिश स्वर्ण जीतने की थी, लेकिन प्रतियोगिता शुरू होने के दौरान मैं बीमार पड़ गया और ‘फूड पॉइजनिंग’ हो गई। ऐसे समय में इसकी कीमत आपको अपने प्रदर्शन से चुकानी पड़ती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हालांकि मानसिक रूप से मजबूत हूं, इसलिए मैंने तय किया कि चाहे जो भी हो, अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा और लगातार खुद को आगे बढ़ाता रहूंगा।’’ तमिलनाडु के इस एथलीट ने कहा कि बीमारी का सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा। सेल्वा ने कहा, ‘‘काश मैं पूरी तरह स्वस्थ रहता, लेकिन अब अगली प्रतियोगिता पर ध्यान है। मैं हमेशा तैयार रहता हूं और स्वस्थ रहकर बेहतर प्रदर्शन कर सकता हूं। खेल में सबसे अहम वही दिन होता है। मेरे प्रदर्शन में निरंतरता है, लेकिन सब कुछ उस खास दिन पर निर्भर करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं फिलहाल अपने रनअप पर काम करना चाहता हूं। एक बार उसमें पूरी तरह महारत हासिल हो गई, तो मैं और बेहतर प्रदर्शन कर सकूंगा।’’ आगामी एशियाई खेलों को लेकर पूछे गए सवाल पर सेल्वा ने कहा कि वह फिलहाल बहुत आगे की नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक-एक दिन के हिसाब से आगे बढ़ता हूं। सिर्फ लक्ष्य तय कर लेने से स्वर्ण पदक नहीं मिलता। फिलहाल मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना है। उसके बाद आगे की रणनीति तय करूंगा।’’ सेल्वा ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाइंग प्रतियोगिता मानी जाने वाली राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 16.79 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने एशियाई खेलों के लिए निर्धारित 16.28 मीटर के क्वालीफाइंग मानक को पार कर लिया था लेकिन भारत एथलेटिक्स की प्रत्येक स्पर्धा में दो खिलाड़ियों को ही उतार सकता है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जापान में होने वाले इन खेलों के लिए अभी तक टीम की घोषणा नहीं की है। भाषा आनन्द सुधीरसुधीर