Team India के लिए प्रदेश की बेटी Saumya Tiwari बनी संकट मोचक, हेयर स्टाइल के चलते नहीं हो रहा था चयन, विराट की है बड़ी फैन

टीम इंडिया की इस जीत में सबसे अहम भूमिका मध्यप्रदेश की बेटी सौम्या तिवारी ने निभाई है! MP Soumya Tiwari Play Importent Role

भोपाल: MP Soumya Tiwari Play Importent Role  भारत ने महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप जीत लिया है। फाइनल मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड ने सात विकेट से हराया। इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 68 रन बनाए थे। टीम इंडिया ने यह आसान लक्ष्य सात विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसके साथ ही भारत ने पहला महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम पहली बार आईसीसी का कोई भी टूर्नामेंट जीतने में सफल रही है। टीम इंडिया की इस जीत में सबसे अहम भूमिका मध्यप्रदेश की बेटी सौम्या तिवारी ने निभाई है। जीत की खबर सुनते ही सौम्या के घर पर खुशियां छा गई और परिजनों ने पूरे मोहल्ले में मिठाई बांटी है।

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MP Soumya Tiwari Play Importent Role  सौम्या तिवारी ने महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप में 37 गेंदों में शानदार 24 रन बनाए हैं। अपनी इस पारी में सौम्या तिवारी ने तीन चौके जड़े हैं। बता दें कि सौम्या विराट कोहली की फैन है और उन्हें फॉलो भी करती है। सौम्या का सपना था कि वो टीम इंडिया को जीत दिलाए और विराट कोहली की तरह की टीम के लिए शानदार पारी खेलते हुए विश्व कप ट्राफी दिलाई है।

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इस जीत पर सौम्या की मां ने कहा कि महिला अंडर-19 टी-20 विश्व कप जीतने के बाद सौम्या तिवारी की मां ने कहा कि सिर्फ मेरी बेटी का ही नहीं, मेरा भी सपना पूरा हो गया है। मेरे पास आज कहने के लिए कुछ नहीं है। भगवान ने हमारी सुन ली। हम बहुत खुश हैं। वहीं, सौम्या तिवारी के पिता ने कहा कि मेरी बेटी का सपना था कि वो विश्व कप खेले। उसने मैच में टिक कर अपनी टीम को जीत दिलवाई। उसकी जीत पर हम सब बहुत खुश है। उसका लक्ष्य है कि वो भारतीय टीम में शामिल होकर देश के लिए कुछ करे।

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2016 में की करियर की शुरुआत

सौम्या ने 2016 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। हालांकि, तब उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा था। उनके घरवाले बताते हैं कि बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनमें बहुत रुचि थी। वे अपने बचपन में वह प्लास्टिक के बल्ले और कपड़े धोने वाली मोगरी से क्रिकेट खेलती थीं। उनकी रुचि को देखकर उनके पिता और बड़ी बहन ने क्रिकेट सीखने के लिए उन्हें अकादमी में भर्ती कराया। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान उनकी बड़ी बहन साक्षी उन्हें एक प्रसिद्ध स्थानीय कोच सुरेश चेनानी के पास ले गईं। लेकिन उस समय, चेनानी की अकादमी में महिला क्रिकेटरों के लिए सुविधाएं नहीं थीं।

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इस वजह से सौम्या को कई बार कोच चेनानी से मिलना पड़ा। इसके बाद चेनानी को लगा कि सौम्या के अंदर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की क्षमता है। 11 साल की सौम्या को कोच ने 14 साल के लड़कों के साथ अभ्यास करने का मौका दिया और सौम्या राजी हो गईं। उस दौरान वे अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों और लड़कों के साथ प्रैक्टिस करती थीं। तीन साल तक लड़कों के साथ प्रैक्टिस करने के बाद राज्य के चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी और 13 साल की उम्र में सौम्या को मध्यप्रदेश की अंडर -23 टीम में जगह मिल गई।

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हेयर स्टाइल की वजह से नहीं हो पा रहा था चयन

सौम्या टीम इंडिया में बतौर ऑलराउंडर खेलती हैं। सौम्या को एक समय अपने बालों की स्टाइल के कारण मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा था। दरअसल वे ब्वॉयकट हेयर स्टाइल रखती हैं। इसके कारण उन्हें काफी समय तक टीम से बाहर रखा गया, लेकिन अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर उन्होंने आखिर मंजिल को पा ही लिया।

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पिता भी रह चुके हैं क्रिकेटर

सौम्या के पिता भी स्थानीय डिवीजन क्रिकेट खेल चुके हैं और उन्होंने बेटी को इस खेल में करियर बनाने के लिए काफी प्रेरित किया। सौम्या का कहना है कि उनका परिवार हमेशा उनके सपने को पूरा करने में मददगार रहा है।

 

 

 

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