मेरा काम ट्रॉफी जीतना और मैं बस इसी की परवाह करता हूं: गंभीर

मेरा काम ट्रॉफी जीतना और मैं बस इसी की परवाह करता हूं: गंभीर

मेरा काम ट्रॉफी जीतना और मैं बस इसी की परवाह करता हूं: गंभीर
Modified Date: August 22, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: August 22, 2026 3:14 pm IST

(फाइल फोटो के साथ) … जी उन्नीकृष्णन …

कोलंबो, 22 अगस्त (भाषा) लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ‘बाहरी शोर’ से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनके खिलाफ होने वाली आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या ‘लाइक्स’ की चिंता नहीं है।’’ चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात को लेकर है कि हम क्रिकेट में आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और क्रिकेट की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले लेने चाहिए। फिलहाल हमारी बातचीत पूरी तरह क्रिकेट और खेल को आगे ले जाने के नजरिए पर ही केंद्रित रहती है।” भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है।” दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।’’ गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। उन्होंने कहा, “कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।” गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, “क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।’’ भाषा आनन्द पंतपंत


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