मेरी भूमिका रक्षात्मक गेंदबाजी करना और विकेट लेना है: सैंटनर

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मेरी भूमिका रक्षात्मक गेंदबाजी करना और विकेट लेना है: सैंटनर

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 11:09 AM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 11:09 AM IST

(जी उन्नीकृष्णन)

विशाखापत्तनम, 29 जनवरी (भाषा) न्यूजीलैंड के कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सैंटनर ने कहा कि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनकी भूमिका रक्षात्मक गेंदबाजी करना, दबाव बनाना और विकेट लेना है तथा भारत के खिलाफ यहां चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इस रणनीति का शानदार परिणाम देखना संतोषजनक रहा।

सैंटनर ने इस मैच में 26 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने संजू सैमसन को बोल्ड करके उनकी परेशानियां बढ़ा दी और फिर हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह के विकेट भी लिए। न्यूजीलैंड ने यह मैच 50 रन से जीता।

सैंटनर ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मेरा काम थोड़ा रक्षात्मक होकर गेंदबाजी करना और इस तरह से विकेट लेना है। कई बार समझदारी से काम लेना पड़ता है। छह सिंगल रन देना अच्छा विकल्प है। हमने काफी पावर हिटिंग और बड़े स्कोर देखे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में स्पिनर की भूमिका दबाव बनाना और विकेट लेना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप बड़े स्कोर का बचाव कर रहे हैं तो रन रेट को बढ़ने दें। अगर स्कोर कम है तो इन बल्लेबाजों को रोकने का एकमात्र तरीका विकेट लेना है। इसलिए मुझे लगता है कि यह सब परिस्थितियों के अनुसार ढलने और स्थिति को समझने से जुड़ा है।’’

सैंटनर ने अपने तर्क को और स्पष्ट करते हुए पंड्या को आउट करने का उदाहरण दिया, जिन्हें उन्होंने फ्लाइट लेती गेंद पर चकमा देकर कैच आउट कराया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुंबई इंडियंस के नेट सत्र में हार्दिक को काफी गेंदबाजी की है और वह मुझे जानता है, मैं उसे जानता हूं। इसलिए मुझे लगता है कि उस स्थिति में रक्षात्मक रहना ही एकमात्र तरीका था जिससे हम वह मैच जीत सकते थे क्योंकि जब भारतीय टीम लय में होती है तो उसे रोकना काफी मुश्किल होता है।’’

लेकिन इस मैच में लेग स्पिनर ईश सोढ़ी की जमकर धुलाई हुई। शिवम दुबे ने उनके एक ओवर में 29 रन बनाए।

सैंटनर ने इस संबंध में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर आप दुबे, हार्दिक या रिंकू के लिए उनकी जद में गेंद फेंकते हैं तो वे उस पर शॉट खेलेंगे। आपको संभावनाओं को ध्यान में रखना होता है और बल्लेबाजों की रणनीति के अनुसार गेंदबाजी करनी होती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई बल्लेबाज कलाई के स्पिनर को नहीं समझ पा रहा है तो आप गेंदबाज को कुलदीप (यादव) या (रवि) बिश्नोई की तरह थोड़ा और आक्रामक होने के लिए कहते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ईश खेल की परिस्थितियों को देखकर अधिक आक्रामक होकर गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहे थे।’’

हालांकि न्यूजीलैंड के कप्तान ने दुबे की 23 गेंदों में खेली गई 65 रन की पारी की प्रशंसा करने में कोई कोताही नहीं बरती।

सैंटनर ने कहा, ‘‘ मैंने दुबे को ऐसा करते कई बार देखा है और वह लंबे शॉट खेलने में माहिर है। लेकिन हम जानते थे कि उनके पास एक बल्लेबाज कम है और हमें बस दुबे को आउट करना था। दुबे को पता था कि उन्हें क्या करना है और जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहा हो तो वह जानते हैं कि उनके पास रन बनाने का अच्छा मौका है।’’

भाषा

पंत

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