स्पिनरों की नोबॉल चिंता का विषय, टेस्ट में फ्री हिट से कम हो सकती है संख्या : बहुतुले

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स्पिनरों की नोबॉल चिंता का विषय, टेस्ट में फ्री हिट से कम हो सकती है संख्या : बहुतुले

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 07:11 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 07:11 PM IST

(जी उन्निकृष्णन)

कोलंबो, 26 अगस्त (भाषा) भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारतीय स्पिनरों की नोबॉल की समस्या से निपटने के लिए बुधवार को अनोखा सुझाव देते हुए इस प्रारूप में भी सीमित ओवरों के क्रिकेट की तरह फ्रीहिट देने की व्यवस्था शुरू करने की बात कही।

श्रीलंका के खिलाफ यहां खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय स्पिन गेंदबाज चौथे दिन तक 10 बार क्रीज से आगे निकलकर नोबॉल कर चुके हैं।

वर्ष 2021 के बाद से किसी टेस्ट में स्पिनरों द्वारा यह सबसे अधिक नोबॉल हैं। इस मामले में अफगानिस्तान 14 नोबॉल के साथ शीर्ष पर है।

बहुतुले ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘यह ऐसी चीज है जिस पर हम काम कर रहे हैं। यह निश्चित रूप से कभी-कभी चिंता का विषय होती है। लेकिन जब गेंदबाज काफी प्रयास कर रहा होता है और ऐसी स्थिति में विकेट हासिल करता है जब विकेट मिलना मुश्किल हो, तो उसमें खुद को और अधिक झोंकने की प्रवृत्ति होती है। हालांकि यह इसका बहाना नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने (रविंद्र) जडेजा और सारांश जैन के साथ इस बात पर काफी काम किया है कि गेंद डालने के लिए उनका टेक ऑफ प्वाइंट कहां होना चाहिए। लेकिन कभी-कभी किसी खास गेंद पर वे थोड़ा ज्यादा प्रयास करते हैं और क्रीज से आगे निकल जाते हैं। मुझे यकीन है कि वे इसमें सुधार करेंगे और बेहतर होंगे।’’

बहुतुले ने नोबॉल की समस्या के समाधान के लिए टेस्ट क्रिकेट में सफेद गेंद के प्रारूप की तरह फ्रीहिट देने का सुझाव दिया। हालांकि उन्होंने यह बात कुछ हद तक मजाकिया अंदाज में कही।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नियमों का संरक्षक नहीं हूं लेकिन अगर फ्रीहिट आती है तो निश्चित रूप से नोबॉल की संख्या कम हो जाएगी। कोई भी टीम नोबॉल करके अतिरिक्त गेंद और अतिरिक्त रन नहीं देना चाहेगी।’’

यह पूछे जाने पर कि नोबॉल की समस्या को सुधारने के लिए अभ्यास के दौरान गेंदबाज और सहयोगी स्टाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं, बहुतुले ने कहा कि नेट सत्र में भी गेंदबाजों को लगातार याद दिलाया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘नेट में भी उन्हें इसकी याद दिलाई जाती है। यह मैच की स्थिति जैसा ही है। हम हर सत्र को गंभीरता से लेते हैं और बाहर से इसकी निगरानी की जाती है।’’

बहुतुले ने कहा, ‘‘कभी-कभी मैं खुद अंपायर की भूमिका में रहता हूं और कभी दूसरे कोच अंपायर बनते हैं। हम स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों पर नजर रखते हैं। इसलिए हम निश्चित रूप से इसे महत्व देते हैं और इस पर काम जारी है।’’

भाषा सुधीर नमिता

नमिता