नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) खेल मंत्रालय इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया अगले महीने शुरू कर सकता है।
वर्ष 2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा मंगलवार को की गई थी। यह घोषणा न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा मंत्रालय को सिफारिशें भेजे जाने के छह महीने से अधिक समय बाद हुई। इस देरी का कारण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया थी।
देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए 2025 के लिए किसी भी खिलाड़ी के नाम की घोषणा नहीं की गई। वहीं, अर्जुन पुरस्कार के लिए केवल 17 खिलाड़ियों के नाम मंजूर किए गए जो चयन समिति द्वारा अनुशंसित संख्या से सात कम हैं।
एक विश्वस्त सूत्र ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘पूरी संभावना है कि 2026 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया अगले महीने शुरू कर दी जाएगी। ’’
हालांकि सूत्र ने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। पात्र खिलाड़ी अब बिना किसी सिफारिश पत्र के सीधे अपना नाम भेज सकते हैं, जबकि कुछ वर्ष पहले ऐसा नहीं था।
मौजूदा नियमों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष किसी एक व्यक्तिगत खिलाड़ी को ही खेल रत्न पुरस्कार दिया जाना चाहिए। हालांकि ‘असाधारण परिस्थितियों’ में इस नियम में ढील दी जा सकती है।
हालांकि 2024 में भारत के चार खिलाड़ियों को खेल रत्न पुरस्कार दिया गया था। इनमें विश्व चैंपियन शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता ऊंची कूद के एथलीट प्रवीण कुमार और पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर शामिल थीं।
खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार दोनों के नामांकन में ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल खेलों की स्पर्धाओं में जीते गए पदकों को 80 प्रतिशत महत्व दिया जाता है। दोनों पुरस्कारों के लिए खिलाड़ी के पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाता है।
ओलंपिक और पैरालंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों पर स्वतः खेल रत्न या अर्जुन पुरस्कार के लिए विचार किया जाता है, बशर्ते संबंधित खिलाड़ी को पहले इन दोनों में से कोई पुरस्कार नहीं मिला हो।
मंत्रालय द्वारा 2025 की सूची के लिए पुनर्मूल्यांकन करना और चयन समिति द्वारा अनुशंसित कुछ नामों को हटाना एक अभूतपूर्व कदम था। मंत्रालय बार-बार कहता रहा है कि वह ‘पुरस्कारों की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखेगा’ और केवल योग्य खिलाड़ियों को ही सम्मान दिया जाएगा।
मंत्रालय के सूत्र ने कहा, ‘‘हमारा रुख हमेशा यही रहा है कि पुरस्कार केवल प्रदर्शन की योग्यता के आधार पर दिए जाने चाहिए। यह पुनर्मूल्यांकन उसी संकल्प को दर्शाता है। चयन समिति की सिफारिशें मंत्रालय के लिए बाध्यकारी नहीं हैं। ’’
हालांकि उन्होंने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार पूरी प्रक्रिया की निगरानी खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने की।
2024 में रिकॉर्ड 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया गया था जिनमें 17 पैरा खिलाड़ी थे। इस बार अंतिम सूची में पैरा खेलों से केवल दो खिलाड़ियों को जगह मिली।
खेल रत्न पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है जबकि अर्जुन पुरस्कार के विजेता को 15 लाख रुपये की नकद राशि मिलती है।
भाषा नमिता पंत
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