रायपुर : यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए।
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी परीक्षा में मोहला की बेटी नूपुर सोनी ने 93.60 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल मोहला की गणित संकाय की छात्रा नूपुर की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
मोहला नगर के वार्ड क्रमांक 6 की रहने वाली नूपुर सोनी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर हायर सेकेंडरी परीक्षा में जिले में पहला स्थान हासिल किया है। नूपुर के पिता संजय सोनी शिक्षक हैं, जबकि माता ममता सोनी गृहिणी हैं। परिवार के शैक्षणिक माहौल और लगातार मिले प्रोत्साहन ने नूपुर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नूपुर बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भौतिक विज्ञान के शिक्षक भावेश निषाद को दिया है। नूपुर ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने प्रतिदिन लगभग 8 घंटे नियमित अध्ययन किया, जिसका परिणाम आज जिले में प्रथम स्थान के रूप में सामने आया है। जिले की टॉपर बनने के बाद नूपुर अब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना साकार करना चाहती हैं।
बता दें कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।
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