वनडे विश्व कप की जीत ने दिखाया कि भारत किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है: मजूमदार
वनडे विश्व कप की जीत ने दिखाया कि भारत किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है: मजूमदार
बर्मिंघम, 13 जून (भाषा) भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि पिछले साल वनडे विश्व कप की जीत ने खिलाड़ियों में इस विश्वास को और मजबूत किया है कि टीम किसी भी तरह की चुनौती का सामना करके वैश्विक टूर्नामेंट में जीत हासिल कर सकती है।
हरमनप्रीत की अगुवाई वाली भारतीय टीम अपने पहले महिला टी20 विश्व कप खिताब की कवायद में पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
भारत ने पिछले साल घरेलू धरती पर 50 ओवर का विश्व कप जीतकर वर्षों का इंतजार खत्म किया था। इससे पहले वह वनडे में 2005 और 2017 में तथा टी20 विश्व कप में 2020 में उपविजेता रहा था।
मजूमदार में मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘यह पूरी तरह से अलग प्रारूप है। मेरे कहने का मतलब यह है कि हमने विश्व कप जीता था लेकिन वह वनडे विश्व कप था। यह एक अलग प्रारूप है और हम इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट के लिए हमने उस विश्व कप से बहुत कुछ सीखा है क्योंकि अब हम जानते हैं कि हम किसी भी तरह की परिस्थितियों में जीत हासिल कर सकते हैं।’’
भारतीय टीम पिछले तीन सप्ताह से ब्रिटेन में है और इस बीच उसने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला भी खेली। मजूमदार ने कहा कि टीम परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने की बात है तो हमें यहां आए हुए तीन सप्ताह हो गए हैं। हम 23 मई को आए थे और अब हम परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हो चुके हैं।’’
मजूमदार ने यास्तिका भाटिया की वापसी का भी स्वागत किया जो विशाखापत्तनम में टीम के अभ्यास शिविर के दौरान घुटने में गंभीर चोट लगने के कारण पिछले साल वनडे विश्व कप में नहीं खेल पाई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यास्तिका का पिछले विश्व कप में न खेल पाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। यह बिल्कुल आखिरी दिन, आखिरी मिनट में, शायद उस शिविर में फेंके गए आखिरी ओवर में चोटिल हो गई थी।’’
मजूमदार ने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था कि आखिरी समय में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। चोट बहुत गंभीर थी और जिस तरह से उन्होंने अच्छी वापसी की है उससे पता चलता है कि यह टीम चुनौतियों का सामना कैसे करती है। यास्तिका इसका एक अच्छा उदाहरण है।’’
भारतीय कोच ने कहा कि टीम अब पूरी तरह से स्पिनरों पर निर्भर नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से स्पिन गेंदबाजी हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है। लेकिन हमारे पास आठ बेहतरीन गेंदबाज हैं। बेहतरीन स्पिन गेंदबाज और बेहतरीन तेज गेंदबाज। टीम में विविधता देखकर वास्तव बहुत अच्छा लगता है।’’
भाषा
पंत मोना
मोना

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