मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने बृहस्पतिवार को कहा कि मैच का नतीजा तय करने के लिए टॉस के बजाय कौशल और तैयारियों पर भरोसा करने की जरूरत है।
उन्होंने साथ ही इस बात से भी इनकार किया कि इंडियन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों के अनुभव के कारण उनकी टीम को कोई खास फायदा होगा।
राशिद ने साफ किया कि मैच से पहले खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता और यह एक ऐसी संस्कृति है जिसके मुताबिक अफगान टीम तैयारी करती है।
राशिद ने यहां कप्तानों की प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘पिछले चार या पांच साल में मैंने बहुत से खिलाड़ियों को देखा है कि ज्यादातर समय वे टॉस से ही खेल का फैसला करते हैं। वे सोचते हैं, अगर हम टॉस जीत गए तो हम मैच जीत जाएंगे। मुझे लगता है कि वे खेल से कौशल को ही बाहर कर देते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत अभ्यास कर रहे हैं, तीन या चार घंटे। (लेकिन) वे इस पर विश्वास नहीं करते। मैं खुद इस पर भरोसा करता हूं, टॉस पर नहीं। यह किसी भी चीज से ज्यादा जरूरी है। ’’
राशिद ने कहा, ‘‘अगर आप अच्छी यॉर्कर गेंद डालते हैं तो दुनिया का कोई भी खिलाड़ी उसे छक्का नहीं मार पाएगा। अगर आप अच्छी जगह पर स्टंप्स पर गेंद डाल रहे हैं तो मुझे नहीं लगता कि आप एक ओवर में चार या पांच छक्के खाएंगे। आपको सही नतीजा मिलेगा। ’’
राशिद ने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में मजबूत स्पिन आक्रमण के बावजूद अफगानिस्तान के लिए कोई खास फायदा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘फायदा निश्चित रूप से है। लेकिन सभी टीमों में, मुख्य खिलाड़ी लंबे समय से यहां आईपीएल खेल रहे हैं और वे सभी यहां की परिस्थितियों के आदी हैं। ’’
राशिद ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अफगानिस्तान को दूसरी टीम की तुलना में ज्यादा फायदा मिलेगा। ’’
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मारक्रम ने कहा कि 2024 चरण में भारत के खिलाफ मिली हार को वे पीछे छोड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह दो साल पहले की बात है। अब यह खत्म हो गया है। हमने तब से बहुत क्रिकेट खेला है। यहां बैठे हर कप्तान और हमसे पहले यहां आए पिछले कप्तान, वे सभी ट्रॉफी उठाना चाहते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपको पहले अपने ग्रुप चरण में यह अधिकार हासिल करना होगा और फिर लगातार अच्छा क्रिकेट खेलना होगा। यह एक ऐसा प्रारूप है जहां कोई भी टीम किसी भी टीम को हरा सकती है। हम यहां जीतने के लिए आए हैं। हम प्रेरित हैं, विशेषकर 2024 के बाद। ’’
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि वह अपनी टीम को खिताब की प्रबल दावेदार मानकर बड़े लक्ष्य तय नहीं करना चाहते।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने शुरू से कहा है कि हम बस एक बार में एक मैच पर ध्यान देना चाहते हैं, जितना हो सके वर्तमान में रहना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि कुछ हफ्तों में हम कहां पहुंचते हैं। ’’
ब्रूक ने कहा, ‘‘हमें बस अपनी योजना पर टिके रहना है और उसी तरह खेलना है जैसे हम खेलते हैं। ’’
वेस्टइंडीज ने पहले दो बार टी20 विश्व कप जीता है और कप्तान शाई होप ने कहा कि उनकी टीम कैरेबियाई प्रशंसकों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लाने की कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हर बार जब आप उस लाइन को पार करते हैं तो आप वेस्टइंडीज के लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं। मकसद हमेशा मैच जीतना होता है। घर पर लोग हमें देख रहे हैं। वे कभी-कभी सुबह तीन, चार बजे भी टेलीविजन से चिपके रहते हैं। ’’
नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी और भारत के 2011 विश्व कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन के प्रभाव की बात करते हुए कहा, ‘‘गैरी के पास बहुत अधिक अनुभव है। सिर्फ विश्व क्रिकेट खेलने का ही नहीं, बल्कि इतनी सारी टीम को कोचिंग देने और पूरी दुनिया में खेलने का भी। ’’
कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा को उम्मीद है कि टूर्नामेंट से पहले श्रीलंका का दौरा उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे ज्यादातर खिलाड़ी भारत से हैं। कनाडा में (नियमित रूप से ट्रेनिंग करना) काफी मुश्किल है। (लेकिन) हमारे बोर्ड का धन्यवाद, उन्होंने टूर्नामेंट से पूर्व श्रीलंका में टूर करवाया और हमने अच्छी तैयारी की। ’’
भाषा नमिता सुधीर
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