भारत के लिए खेलना सपना सच होने जैसा है, घरेलू क्रिकेट में की गई मेहनत रंग लाई: मानव सुथार

भारत के लिए खेलना सपना सच होने जैसा है, घरेलू क्रिकेट में की गई मेहनत रंग लाई: मानव सुथार

भारत के लिए खेलना सपना सच होने जैसा है, घरेलू क्रिकेट में की गई मेहनत रंग लाई: मानव सुथार
Modified Date: June 7, 2026 / 01:19 pm IST
Published Date: June 7, 2026 1:19 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) युवा मानव सुथार के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाना सपने के सच होने जैसा है जिन्होंने गली-मोहल्लों में क्रिकेट का ककहरा सीखा और लगातार हतोत्साहित किए जाने के बावजूद क्रिकेट को करियर के रूप में चुना।

राजस्थान के इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट और भारत ए की तरफ से लगातार अच्छे प्रदर्शन के बलबूते पर भारतीय टीम में जगह बनाई।

सुथार ने जियोस्टार पर कहा, ‘‘क्रिकेट हमेशा से मेरे परिवार का एक अहम हिस्सा रहा है। मेरे पिताजी को क्रिकेट बहुत पसंद है और घर में सभी लोग नियमित रूप से मैच देखते हैं। बचपन में मैं भी उनके साथ बैठकर मैच देखा करता था। यहीं से क्रिकेट के प्रति मेरी दिलचस्पी बढ़ी। मैंने अपने दोस्तों के साथ गलियों में खेलना शुरू किया। गली क्रिकेट में मैंने इस खेल का ककहरा सीखा जैसे बल्ला पकड़ना और गेंदबाजी करना।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं 10 या 11 साल का था, तब मैंने एक अच्छी क्रिकेट अकादमी में प्रवेश लिया तथा कोच धीरज सर और विनोद सर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्होंने मुझे सही तकनीक सिखाई और मेरे खेल को बेहतर बनाने में मदद की।’’

सुथार ने कहा, ‘‘मुझे पहली बड़ी सफलता तब मिली जब मैं अंडर-14 वर्ग में राजस्थान के लिए खेला। उससे मुझे काफी प्रेरणा मिली और मुझे लगा कि मैं क्रिकेट को अपना करियर बना सकता हूं।’’

मानव के लिए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने तक का सफर आसान नहीं रहा लेकिन टीम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्होंने हौसला नहीं खोया और मेहनत करते रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में क्रिकेट में सफल होना कभी आसान नहीं होता। कुछ ही स्थान के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। मुझे भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने मुझे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कोई संभावना नहीं है और मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं।’’

मानव ने कहा, ‘‘लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं लगातार कड़ी मेहनत करता रहा। मुझे भारतीय टीम में चुने जाने की उम्मीद थी। यह इंतजार का खेल था और मैंने धैर्य बनाए रखा।’’

सुथार ने 2022-23 रणजी ट्रॉफी से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अब तक 29 प्रथम श्रेणी के मैचों में 129 विकेट लिए हैं। उन्होंने बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया और खुद को एक ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया। उनके नाम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अभी तक एक शतक और छह अर्धशतक दर्ज हैं।’’

उन्होंने 2024 में गुजरात टाइटन्स के साथ आईपीएल में पदार्पण किया, लेकिन उस सत्र में केवल एक मैच खेला। उन्हें 2025 में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन 2026 में उन्होंने चार मैच खेले।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय टीम में जगह बनाकर अच्छा लग रहा है। घरेलू क्रिकेट और भारत ए के लिए की गई सारी मेहनत रंग लाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। सारी कुर्बानियों का आखिरकार फल मिल गया। मैं देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं।’’

भाषा

पंत

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