प्रज्ञानानंदा की जीत पर उनकी मां ने कहा, कड़ी मेहनत और दृढ़ता सफलता की कुंजी
प्रज्ञानानंदा की जीत पर उनकी मां ने कहा, कड़ी मेहनत और दृढ़ता सफलता की कुंजी
चेन्नई, सात जून (भाषा) भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा की नॉर्वे शतरंज 2026 में ऐतिहासिक जीत के बाद उनकी मां नागलक्ष्मी ने रविवार को कहा कि कड़ी मेहनत, दृढ़ता और प्रक्रिया का आनंद लेना उनके बेटे की सफलता की कुंजी है।
प्रज्ञानानंदा ने अपनी इस जीत से खुद को शतरंज के दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल कर लिया। प्रवीण थिप्से ने उन्हें वर्तमान में भारत का सबसे बेहतर खिलाड़ी करार दिया।
नागलक्ष्मी ने यहां पीटीआई वीडियो से कहा कि यह उपलब्धि हासिल करने के लिए जो प्रयास किए गए परिणामों पर अत्यधिक ध्यान देने से उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई प्रक्रिया का आनंद लेता है और असफलताओं के बावजूद कड़ी मेहनत करना जारी रखता है तो उसे आखिर में सफलता जरूर मिलती है।’’
नागलक्ष्मी ने कहा कि कोच और सहयोगी स्टाफ के सदस्य उनके बेटे के खेल के तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखते हैं जबकि वह घर संभालती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी बेटी ग्रैंडमास्टर आर वैशाली अभी जापान में फिडे महिला चैंपियनशिप में भाग ले रही हैं। उसका लक्ष्य अगले छह महीनों में विश्व चैंपियनशिप में खेलने के लिए तैयारी करना है।’’
नागलक्ष्मी ने दोनों भाई-बहन के बीच किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता की धारणा को खारिज करते हुए कहा कि वे जीवन के सभी पहलुओं में एक-दूसरे का पूरा समर्थन करते हैं।
उन्होंने अपने बेटे और बेटी पर पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद के गहरे प्रभाव के बारे में भी बात की। आनंद जब पहली बार प्रज्ञानानंदा से मिले थे तो वह पहली कक्षा में पढ़ते थे।
नागलक्ष्मी ने कहा, ‘‘वैशाली फिलहाल आनंद की अकादमी में प्रशिक्षण ले रही है।’’
भाषा पंत नमिता
नमिता

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