Punjab Kings Vs LSG: प्रियांश और कोनोली का अर्धशतक, पंजाब किंग्स ने LSG को इतने रनों से दी पटखनी, जानिए ताजा प्वाइंट्स टेबल

प्रियांश और कोनोली के अर्धशतक, पंजाब किंग्स ने LSG को इतने रनों से दी पटखनी, Punjab Kings Vs LSG: Punjab Kings beat LSG by 54 runs

Punjab Kings Vs LSG: प्रियांश और कोनोली का अर्धशतक, पंजाब किंग्स ने LSG को इतने रनों से दी पटखनी, जानिए ताजा प्वाइंट्स टेबल
Modified Date: April 20, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: April 19, 2026 11:39 pm IST

मुल्लांपुर: Punjab Kings Vs LSG:  पंजाब किंग्स ने प्रियांश आर्य (93 रन) और कूपर कोनोली (87 रन) के अर्धशतकों के दम पर रविवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ 54 रन की आसान जीत दर्ज कर अपना विजय अभियान जारी रखा। पंजाब किंग्स छह मैच में से पांच जीत से 11 अंक लेकर तालिका में शीर्ष पर बरकरार है। एलएसजी की यह लगातार तीसरी हार है। वैभव सूर्यवंशी के साथ देश की सबसे रोमांचक टी20 बल्लेबाजी प्रतिभाओं से एक सलामी बल्लेबाज प्रियांश और कोनोली के बीच दूसरे विकेट के लिए 182 रन की साझेदारी से पंजाब किंग्स ने सात विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

Punjab Kings Vs LSG:  जवाब में एलएसजी की टीम 20 ओवर में पांच विकेट पर 200 रन ही बना सकी जिसमें कप्तान ऋषभ पंत ने 43 रन, ऐडन मारक्रम ने 42 रन, मिचेल मार्श ने 40 रन और आयुष बडोनी ने 35 रन बनाए। पंजाब किंग्स के लिए मार्को यानसेन ने 37 रन देकर दो विकेट झटके जबकि अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशाक और युजवेंद्र चहल को एक एक विकेट मिला। पंजाब किंग्स भले ही जीत गई हो लेकिन उसके क्षेत्ररक्षकों का प्रदर्शन काफी खराब रहा, जिन्होंने मैच के दौरान काफी कैच छोड़े। इसमें शशांक सिंह ने मैदान पर करीब तीन कैच छोड़े। अगर ये कैच लपके गए होते तो उसकी जीत का अंतर और बड़ा हो सकता था। दिल्ली के 24 साल के खिलाड़ी प्रियांश ने अपनी पारी के दौरान नौ छक्के और चार चौके लगाए जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोनोली की 46 गेंद की पारी में आठ चौके और सात छक्के जड़े थे। इन दोनों के बीच 80 गेंद की साझेदारी में 16 छक्के (नौ प्रियांश ने लगाए) और 12 चौके जड़े थे।

मार्कस स्टोइनिस ने पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट होने से पहले 29 रन का योगदान दिया। पंजाब किंग्स का पावरप्ले में एक विकेट पर 63 रन का स्कोर अच्छा था, लेकिन सातवें से 11वें ओवर के बीच का मध्य चरण और भी बेहतर रहा जिसमें 66 रन बने। लक्ष्य का पीछा करने उतरी एलएसजी ने बडोनी को पारी का आगाज करने के लिए भेजा जो अर्शदीप के सामने जूझते नजर आए। पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर तीसरे ओवर में मार्श का कैच लपकने से चूक गए जिसे अर्शदीप के दूसरे ओवर में 17 रन बने। मार्श और बडोनी ने रन जुटाना जारी रखते हुए बार्टलेट के ओवर में 15 रन जोड़े। लेकिन जल्द ही विशाक ने बडोनी को आउट कर 61 रन की भागीदारी का अंत किया। पंत ने सातवें ओवर में यानसेन पर लगातार दो छक्के जमाकर बड़ी पारी खेलने की उम्मीद जगाई। 11 ओवर के बाद टीम का स्कोर एक विकेट पर 109 रन था।

मार्श अगले ओवर में चहल की गेंद को उठाने की कोशिश में बार्टलेट को आसान कैच थमा बैठे। पंत ने इसी ओवर में चहल पर लांग ऑन पर लगातार दो छक्के लगाकर दबाव कम करने का प्रयास किया। लेकिन 13वें ओवर में अर्शदीप की वाइड यॉर्कर गेंद पर विकेटकीपर प्रभसिमरन को कैच देकर आउट हो गए। पंजाब किंग्स के गेंदबाजों ने दबाव बना दिया जिससे एलएसजी की टीम रन जुटाने के लिए जूझती रही। निकोलस पूरन (09) की खराब फॉर्म जारी रही। मुकुल चौधरी ने नाबाद 21 रन बनाए। इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद मजबूत कद-काठी वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज प्रियांश काफी कम फुटवर्क के बस एक जगह खड़े होकर पूरी ताकत और बल्ले की पूरी गति से शॉट लगाते रहे जिससे गेंदें तेजी से बाउंड्री के पार जाती रहीं।

उन्होंने फुल लेंथ गेंदों को सीधे या एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारा। छोटी और वाइड गेंदों को उन्होंने कट या रैंप शॉट से खेला जबकि कंधे की ऊंचाई पर आई बाउंसर गेंदों को उन्होंने बिना चेहरे पर कोई भाव लाए, पुल या हुक शॉट से बाउंड्री के पार भेज दिया। प्रियांश ने गौतम गंभीर के बचपन के कोच संजय भारद्वाज से भी क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं। वहीं कोनोली का अंदाज बिल्कुल अलग था। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उनके ऊंचे छक्के और फ्रंट-फुट पर आकर डीप मिड-विकेट स्टैंड में लगाए गए पुल-शॉट देखकर उनकी फ्रेंचाइजी के कोच रिकी पोंटिंग को भी उन पर गर्व हुआ होगा। दोनों की बल्लेबाजी शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी। प्रियांश ने अपना अर्धशतक सिर्फ 19 गेंदों में पूरा किया जबकि अगले 43 रन बनाने के लिए उन्होंने 18 गेंदें लीं। दूसरी ओर कोनोली ने थोड़ा समय लिया, उन्होंने 35 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किया, लेकिन अगले 37 रन सिर्फ 12 गेंदों में बना दिए।

दिल्ली का यह युवा खिलाड़ी तब भी बिल्कुल भी विचलित नहीं हुआ, जब उसका पारी की शुरूआत करने वाला जोड़ीदार प्रभसिमरन सिंह मोहम्मद शमी की एक आउटस्विंगर गेंद पर किनारा लगने से अपनी पहली ही गेंद पर आउट हो गया। एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत को निश्चित रूप से इस बात का पछतावा होगा कि जब पारी की शुरुआत में ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान ने कोनोली को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था तो उन्होंने डीआरएस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया। रिप्ले से यह साफ हो गया कि अगर डीरआरएस लिया जाता तो टीवी अंपायर कोनोली को आउट करार दे देते। इसके बाद मोहसिन का आत्मविश्वास डगमगा गया और उन्होंने अपने तीसरे ओवर में 20 रन लुटा दिए जिससे मैच की पूरी लय एलएसजी के हाथों से निकल गई। उनके लिए एकमात्र राहत की बात प्रिंस यादव (चार ओवर में 25 रन देकर दो विकेट) रहे। कोनोली और प्रियांश दोनों ही बहुत कम समय के अंतराल पर आउट हो गए। हालांकि उस समय दोनों का शतक लगाना आसान लग रहा था। यह भारतीय युवा खिलाड़ी अपना 10वां छक्का लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मिचेल मार्श ने बाउंड्री लाइन पर उसे कैच कर लिया।


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