रोहित अभी कुछ और साल खेल सकते हैं: लालचंद राजपूत
रोहित अभी कुछ और साल खेल सकते हैं: लालचंद राजपूत
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) एकदिवसीय क्रिकेट में भले ही रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई हो लेकिन उनके शुरुआती मेंटर (मार्गदर्शक) लालचंद राजपूत का मानना है कि भारत के पूर्व कप्तान ‘कुछ और साल खेलने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। साथ ही वह रोहित के मौजूदा संघर्ष को दो दशक तक क्रिकेट के कारण शरीर को होने वाले स्वाभाविक ‘नुकसान’ का नतीजा मानते हैं।
भारत की भविष्य की योजनाओं में रोहित की जगह को लेकर बहस तब और तेज हो गई जब ऐसी खबरें आईं कि मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस अनुभवी सलामी बल्लेबाज को बता दिया है कि वह 2027 एकदिवसीय विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं।
हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों को जल्द ही खारिज कर दिया।
राजपूत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं अटकलों पर यकीन नहीं करता। जब तक कुछ असल में नहीं होता तब तक उस पर बात नहीं की जा सकती। मुझे अब भी लगता है कि वह कुछ और साल खेलने के लिए सक्षम हैं।’’
राजपूत ने ही राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (अब बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में सबसे पहले युवा खिलाड़ी के तौर पर रोहित की प्रतिभा पहचानी थी।
राजपूत ने कहा, ‘‘वह फिट हैं और उन्होंने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की है। अगर आप उन्हें अभी देखें तो वह पहले से अधिक दुबले-पतले दिखते हैं। पिछले मैच में उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाजी की उसमें उनकी पुरानी बल्लेबाजी की झलक दिखी। मुझे लगता है कि बस एक अच्छी पारी की जरूरत है।’’
राजपूत 2007 आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर भी थे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को रोहित से आगे के बारे में सोचना चाहिए तो राजपूत ने इस बहस में पड़ने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक काल्पनिक सवाल है। अभी कुछ भी पक्का नहीं है। रोहित पर ध्यान दीजिए क्योंकि वह अच्छी बल्लेबाज कर रहे हैं। उन्होंने अपनी फिटनेस पर बहुत मेहनत की है और जबरदस्त वापसी की है।’’
राजपूत ने कहा, ‘‘जब समय आएगा तब हम भविष्य के बारे में बात कर सकते हैं। अपनी फिटनेस पर इतनी मेहनत करने के बाद उनका मन 2027 तक खेलने का ही होगा। हमें इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए।’’
राजपूत का मानना है कि रोहित और विराट कोहली टीम के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि वे सिर्फ रन ही नहीं बनाते बल्कि उनका अपना एक खास प्रभाव है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है। वे टीम के दो दिग्गज खिलाड़ी हैं। विरोधी भी उनका सम्मान करते हैं और उनसे डरते भी हैं। जब रोहित और विराट एकादश में होते हैं तो टीम का आत्मविश्वास एक अलग ही स्तर पर होता है।’’
राजपूत ने कहा, ‘‘युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं क्योंकि इतने वर्षों तक शीर्ष स्तर पर बने रहने के लिए सिर्फ हुनर ही नहीं, बल्कि जबरदस्त मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस की भी जरूरत होती है।’’
भाषा सुधीर
सुधीर

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