रुबेन वर्गास ने स्विट्जरलैंड को 72 साल बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया

रुबेन वर्गास ने स्विट्जरलैंड को 72 साल बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया

रुबेन वर्गास ने स्विट्जरलैंड को 72 साल बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया
Modified Date: July 8, 2026 / 08:35 am IST
Published Date: July 8, 2026 8:35 am IST

वैंकूवर, आठ जुलाई (एपी) रुबेन वर्गास ने पेनल्टी को गोल में बदला जिससे स्विट्जरलैंड मंगलवार को खेले गए मैच के गोलरहित ड्रॉ रहने के बाद कोलंबिया पर पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज करके 72 साल बाद विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रहा।

स्विट्जरलैंड का सामना अब शनिवार को मिसौरी के कनसास सिटी स्थित एरोहेड स्टेडियम में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। अर्जेंटीना ने इससे पहले दिन में दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके मिस्र को 3-2 से हराया था।

स्विट्जरलैंड 1954 में विश्व कप की मेजबानी करने के बाद से कभी भी विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंचा था। मंगलवार को स्विस टीम युवा मिडफील्डर जोहान मंज़ांबी के बिना मैदान में उतरी, जो सोमवार को अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। उन्होंने टूर्नामेंट में अब तक तीन गोल किए थे।

यह एक ऐसा मैच था जिसमें किसी तरह का रोमांच नहीं था। अतिरिक्त समय के बाद भी कोई टीम गोल करने में सफल नहीं रही थी लेकिन स्विट्जरलैंड ने धैर्य बनाए रखा जो आखिर में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

विश्व कप में दो गोल कर चुके वर्गास ने सोमवार को पूरे अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया था लेकिन वह मैच के दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे।

शूटआउट में कोलंबिया के डिफेंडर डेविंसन सांचेज़ का पेनल्टी शॉट क्रॉसबार से टकराया और स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने कूचो हर्नांडेज़ के शॉट को बचा लिया।

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी बीसी प्लेस में मौजूद लोगों में शामिल थे, जहां खचाखच भरे स्टेडियम में 52,497 दर्शकों में से अधिकांश कोलंबिया के समर्थन में पीले रंग के कपड़े पहने हुए थे।

कोबेल ने कहा, ‘‘दर्शकों का समर्थन उनके पक्ष में था, इसलिए हमारे लिए यह एक कठिन मुकाबला था। हम जानते हैं कि खेल के कुछ ऐसे क्षण थे जब हमें रक्षात्मक खेल खेलना था और मानसिक रूप से मजबूत रहना था। हमारे कुछ खिलाड़ी अनुपस्थित थे, इसलिए यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी।’’

कोलंबिया 2014 में ब्राजील में खेले गए विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था लेकिन इस बार उसे राउंड ऑफ 16 से ही वापस लौटना होगा।

कोलंबिया के मिडफील्डर जॉन एरियस ने कहा, ‘‘यह सपना बहुत बड़ा था। देश ने हमें दिखाया कि उसे हम पर भरोसा है। वह हर पल हमारे साथ है। इससे पराजय की पीड़ा और बढ़ जाती है।’’

स्विट्जरलैंड की टीम पिछले तीन विश्व कप के अंतिम 16 में पहुंची थी लेकिन उससे आगे बढ़ने में नाकाम रही थी।

स्विट्जरलैंड के कोच मूरत याकिन ने कहा, ‘‘ क्वार्टरफाइनल में स्विट्जरलैंड बनाम अर्जेंटीना। मैं बहुत उत्साहित हूं।’’

यह मैच दो विपरीत खेल शैलियों वाली टीमों के बीच कड़ा मुकाबला था। स्विट्जरलैंड की खेल शैली अधिक संगठित और सुनियोजित थी, जबकि कोलंबिया की खेल शैली अधिक आक्रामक और शारीरिक थी। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा था।

दोनों टीम को मैच में कुछ मौके मिले लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा पाई।

एपी

पंत

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