खिलाड़ियों को जापान में होने वाले एशियाई खेलों जैसे आवसीय अनुभव देने के लिए साई कर रहा तैयारी
खिलाड़ियों को जापान में होने वाले एशियाई खेलों जैसे आवसीय अनुभव देने के लिए साई कर रहा तैयारी
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) एशियाई खेलों की तैयारियों में लगे खिलाड़ियों को वहां की व्यवस्था से अभ्यस्त करने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के पटियाला और बेंगलुरु केंद्रों में अस्थायी कंटेनर इकाइयां लगाई जा रही हैं।
एशियाई खेलों में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए इस बार शिपिंग कंटेनर को आवासीय इकाइयों में बदलकर इस्तेमाल किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को “जापान पहुंचकर हैरान होने से बचाने” और इसकी आदत डालने के लिए साइ ने तैयारी की है।
एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक ऐची-नागोया में होगा। आयोजन को कम खर्चीला और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए आयोजकों ने इस बार पारंपरिक खेल गांव की व्यवस्था समाप्त कर दी है।
इसके बजाय एक क्रूज़ लाइनर को तैरते हुए आवास के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि शिपिंग कंटेनरों को आवासीय इकाइयों में बदलकर कई खिलाड़ियों को उनमें ठहराया जाएगा।
भारत पहले ही अनुरोध कर चुका है कि उसके खिलाड़ियों को जमीन पर बने आवास में रखा जाए, ताकि शूटिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले किसी तरह की असुविधा न हो।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने‘ पीटीआई’ को बताया, “पटियाला और बेंगलुरु दोनों जगह इन अस्थायी कंटेनर इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योजना यह है कि एशियाई खेलों में जाने वाले खिलाड़ी इनमें कम से कम एक रात बिताएं, ताकि उन्हें जापान में मिलने वाली वास्तविक आवास व्यवस्था का अंदाजा हो सके।”
सूत्र ने कहा, “हम जो इकाइयां लगा रहे हैं वे असली शिपिंग कंटेनर नहीं हैं, लेकिन कंटेनर जैसी संरचना वाली हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वहां पहुंचने पर खिलाड़ी इस नई तरह की व्यवस्था से चौंकें नहीं।”
खेलों का आयोजन पांच क्लस्टर मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसके तहत प्रतियोगिता स्थल ऐची, गिफू, शिजुओका और एयरपोर्ट-एक्सपो ज़ोन में फैले होंगे।
साइ केंद्रों में कंटेनर इकाइयों की स्थापना का मुद्दा उस बैठक में भी उठा, जिसकी अध्यक्षता खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने साइ मुख्यालय में की। इस बैठक में एशियाई खेलों के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा की गई।
इस प्रतियोगिता में 40 से अधिक खेलों में भारत के 700 से ज्यादा खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। अंतिम दल का आकार 20 मार्च को तय होने की संभावना है, जब खेलों की तैयारी की समीक्षा के लिए गठित 15 सदस्यीय समिति की अगली बैठक होगी।
इस समिति में खेल सचिव हरि रंजन राव, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, एशियाई खेलों के शेफ-दे-मिशन (दल के प्रमुख) सहदेव यादव और डिप्टी शेफ-दे-मिशन (दल के उप-प्रमुख) ए. शरथ कमल शामिल हैं।
दल के आकार के अलावा यात्रा व्यवस्था और संचालन संबंधी तैयारियों पर भी चर्चा होगी, क्योंकि भारत अब महाद्वीपीय खेल महाकुंभ की तैयारियों के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।
बृहस्तपतिवार को हुई बैठक में मंत्रालय, साइ और अन्य संबंधित पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री मांडविया को आयोजन से पहले देश की तैयारियों की जानकारी दी।
मांडविया ने बैठक के दौरान कहा, “हमारे खिलाड़ी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, लॉजिस्टिक्स, किट, भोजन और चिकित्सा देखभाल से लेकर हर संभव सहायता दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के तैयारी कर सकें और एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।”
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी भी कीमत पर खिलाड़ियों को कठिनाई में डालना नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह एकाग्र रखते हुए पदकों की संख्या बढ़ाना है।”
तैयारियों के तहत प्रत्येक राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसफ) में एशियाई खेलों की तकनीकी पुस्तिका के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है, जो खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देगा।
मंत्रालय के अनुसार, टीमों का चयन पहले ही कर लिया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही चिकित्सा टीमों सहित सहयोगी स्टाफ की क्षमता मजबूत करने और विदेशों में भारतीय दूतावासों के साथ लॉजिस्टिक समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
खेल महासंघों को पहले से ‘एक्सपोजर टूर (अनुकूलन दौरा)’ और प्रतियोगिता कार्यक्रम तय करने की भी स्वतंत्रता दी गई है।
भारत का लक्ष्य पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों में जीते गए ऐतिहासिक 106 पदकों के आंकड़े को पार करना है।
खेलों से पहले के महीनों में सुचारु तैयारी सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों से जुड़े कई कदमों पर भी चर्चा हुई। इनमें दल के लिए एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति, साइ के नामित पाक विशेषज्ञों की मदद से भारतीय भोजन के विकल्प तय करना और खिलाड़ियों को आधिकारिक किट समय से पहले उपलब्ध कराना शामिल है।
भाषा आनन्द पंत
पंत

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