नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार सुनिश्चित कराने के लिये भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) सफदरजंग अस्पताल के ‘स्पोटर्स इंजुरी सेंटर’ (एसआईसी) के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करेगा ।
इसे सैद्धांतिक तौर पर खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने मंजूरी दे दी है ।
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार एसआईसी आधुनिक खेल मेडिसिन और सर्जरी संबंधी पहलू देखेगा जबकि साइ खेल विज्ञान ‘रिहैबिलिटेशन’ (चोट से उबरकर मैदान पर लौटने से पहले की प्रक्रिया)और मैदान पर लौटने के प्रोटोकॉल देखेगा ।
इस साझेदारी से भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा में प्राथमिकता के आधार पर और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित होगी ।
एसआईसी के निदेशक डॉक्टर दीपक जोशी ने कहा कि खेल विज्ञान, खेल मेडिसिन और चोट प्रबंधन के समन्वित एकीकरण से खिलाड़ी के कैरियर की दिशा बदल सकती है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ यह भारतीय खेलों के इकोसिस्टम के लिये वरदान होगा । साइ द्वारा भेजे गए खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार , निरंतर क्लीनिकल प्रबंधन और प्रतिस्पर्धा में लौटने के लिये उपचार की सही दिशा मिलेगी ।’’
साइ ने बुधवार को द्वंद्व वाले खेलों के कोचों के लिये चार दिवसीय खेल विज्ञान कार्यशाला का भी उद्घाटन किया । इसमें मुक्केबाजी, कुश्ती और जूडो जैसे खेल शामिल हैं ।
भाषा मोना नमिता
नमिता