सर्वेश कुशारे ने मोनाको डायमंड लीग में तीसरे स्थान पर रहकर इतिहास रचा

सर्वेश कुशारे ने मोनाको डायमंड लीग में तीसरे स्थान पर रहकर इतिहास रचा

सर्वेश कुशारे ने मोनाको डायमंड लीग में तीसरे स्थान पर रहकर इतिहास रचा
Modified Date: July 11, 2026 / 11:41 am IST
Published Date: July 11, 2026 11:41 am IST

मोनाको, 11 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने मोनाको में डायमंड लीग में अपने पदार्पण पर ही तीसरा स्थान हासिल करके ऊंची कूद में यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रचा और खुद को विशिष्ट क्लब में शामिल कर दिया।

वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कई स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इस प्रतियोगिता में 2.26 मीटर की कूद लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। वह पिछले महीने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 2.31 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के महज दो सप्ताह बाद इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे।

कुशारे भाला फेंक के सुपरस्टार नीरज चोपड़ा (2022 से 13 बार), लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर (2023 में एक बार) और चक्का फेंक के पूर्व एथलीट विकास गौड़ा (2015 में दो बार) के बाद डायमंड लीग प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं।

कुशारे ने तीसरे स्थान पर रहकर कतर के तीन बार के विश्व चैंपियन और तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता मुताज़ एस्सा बरशिम और अमेरिका के 2023 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता जुवॉन हैरिसन जैसे स्टार खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। बरशिम 2.20 मीटर के प्रयास के साथ संयुक्त आठवें स्थान पर रहे।

यूक्रेन के विश्व इंडोर चैंपियन ओलेह डोरोशचुक ने 2.32 मीटर की कूद लगाकर खिताब जीता, जबकि ग्रेट ब्रिटेन के जैक किमानी 2.30 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। किमानी तीन प्रयासों में भी 2.32 मीटर की कूद नहीं लगा सके, जबकि डोरोशचुक ने इसे अपने पहले ही प्रयास में हासिल कर दिखाया।

किमानी भाग्यशाली रहे क्योंकि वह अपने तीसरे प्रयास में ही 2.16 मीटर की ऊंचाई को पार कर सके थे, जबकि कुशारे ने इसे आसानी से पार कर लिया।

महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवरगांव गांव में प्याज की खेती करने वाले किसान के बेटे कुशारे अपने पिता और बचपन के कोच द्वारा तैयार किए गए मक्के के छिलके, कपास आदि से बने अस्थायी ‘लैंडिंग पिट’ का उपयोग करके ऊंची कूद का अभ्यास किया करते थे।

कुशारे ने 2014 में 20 वर्ष की उम्र में पहली बार किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक 2018 में इंडियन ओपन में जीता था। वह अगले वर्ष इस प्रतियोगिता में अपने खिताब का बचाव करने में सफल रहे थे।

उन्होंने 2022 में गुजरात राष्ट्रीय खेलों में 2.27 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। वह 2025 में तोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 2.18 मीटर की कूद लगाकर छठे स्थान पर रहे थे। इस दौरान वह विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की ऊंची कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय भी बने।

कुशारे ने कुछ दिन पहले ही 27 जून को 2.31 मीटर की कूद लगाकर तेजस्विन शंकर के 2.29 मीटर के आठ साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। वह 2.30 मीटर की कूद लगाने वाले पहले भारतीय ‘हाई जम्पर’ हैं।

उन्होंने भुवनेश्वर में 2.35 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने का प्रयास भी किया, लेकिन तीन प्रयासों में भी वह इसे हासिल नहीं कर पाए।

कुशारे ने तब कहा था, ‘‘कोई भी भारतीय 2015-16 से पहले 2.20 मीटर से ऊपर नहीं जा पाया था, तेजस्विन ने ऐसा किया और उसके बाद मुझे भी लगा कि मैं ऐसा कर सकता हूं। इसलिए मुझे लगता है कि निकट भविष्य में मैं 2.35 मीटर तक जा सकता हूं।’’

कुशारे वर्तमान सत्र में विश्व में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। एशियाई खिलाड़ियों में वह पहले स्थान पर हैं।

भाषा

पंत

पंत


लेखक के बारे में