पेरिस ओलंपिक में ध्वजवाहक बनने के लिए शरत कमल एक साधारण खिलाड़ी हैं: तमिलनाडु एथलेटिक्स अधिकारी |

पेरिस ओलंपिक में ध्वजवाहक बनने के लिए शरत कमल एक साधारण खिलाड़ी हैं: तमिलनाडु एथलेटिक्स अधिकारी

पेरिस ओलंपिक में ध्वजवाहक बनने के लिए शरत कमल एक साधारण खिलाड़ी हैं: तमिलनाडु एथलेटिक्स अधिकारी

:   Modified Date:  March 30, 2024 / 08:34 PM IST, Published Date : March 30, 2024/8:34 pm IST

चेन्नई, 30 मार्च (भाषा) तमिलनाडु एथलेटिक्स संघ (टीएनएए) ने स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल को आगामी पेरिस ओलंपिक के लिए भारत का ध्वजवाहक चुनने के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के फैसले पर सवाल उठाया और उन्हें साधारण खिलाड़ी कहते हुए शीर्ष भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को यह सम्मान दिये जाने की मांग की।

लेकिन आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि सुपरस्टार भाला फेंक एथलीट चोपड़ा को 16 जुलाई से 11 अगस्त तक होने वाले ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के लिए ध्वजवाहक बनाना उनके लिए ‘अंतिम मिनट की महत्वपूर्ण तैयारी का समय बर्बाद करना’ होगा क्योंकि उनकी प्रतिस्पर्धा अंत में शुरू होगी।

महान लंबी कूद खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज ने भी ओलंपिक और विश्व चैम्पियन चोपड़ा को ध्वजवाहक नहीं बनाने पर नाराजगी व्यक्त की थी।

टीएनएए के अध्यक्ष डब्ल्यूआई दवाराम और सचिव सी लता ने शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि आईओए के फैसले से पूरा देश स्तब्ध रह गया है।

टीएनएए के इस बयान के अनुसार, ‘‘भारतीय ओलंपिक दल के ध्वजवाहक के तौर पर टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल के नामांकन से पूरा देश स्तब्ध हो गया है। खिलाड़ी ही नहीं बल्कि खेल से जुड़े सभी लोग नीरज चोपड़ा को बाहर रखने के फैसले से परेशान है क्योंकि वह ओलंपिक के 130 साल के इतिहास में एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक दिलाने वाले एकमात्र भारतीय हैं।

इसमें कहा गया, ‘‘वह मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन हैं और उन्हें आगामी ओलंपिक में अपने खिताब का बचाव करने के लिए भी चुना गया है। हम कल्पना ही नहीं कर सकते कि चोपड़ा राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होते हुए भी एक साधारण खिलाड़ी शरत कमल ध्वजवाहक होंगे। ’’

टीएनएए अधिकारियों ने इतनी जल्दी ध्वजवाहक के नाम की घोषणा करने के आईओए के तर्क पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ध्वजवाहक के नाम की घोषणा करने में इतनी क्या जल्दबाजी थी और साथ ही विश्व और ओलंपिक चैम्पिययन को बाहर करने का क्या कारण है। आईओए को ध्वजवाहक के नाम की घोषणा करने में इतनी जल्दबाजी के बारे में बताना चाहिए। ’’

ओलंपिक में चोपड़ा की स्पर्धा छह अगस्त को क्वालीफाइंग राउंड से शुरू होगी जबकि उद्घाटन समारोह 26 जुलाई को होगा।

अगर उन्हें ध्वजवाहक बनाया जाता है तो चोपड़ा को 25 जुलाई को पेरिस में रहना होगा और उद्घाटन समारोह के बाद फिर अपने ट्रेनिंग बेस पर लौटना होगा।

सूत्रों के अनुसार पेरिस ओलंपिक के नियमों के अंतर्गत कोई भी एथलीट अपने कार्यक्रम से सात दिन पहले खेल गांव में प्रवेश नहीं कर सकता है।

आईओए सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘इसलिए या तो चोपड़ा को उद्घाटन समारोह के बाद अपने ट्रेनिंग बेस पर लौटना होगा या पेरिस में एक होटल में बाहर रहना होगा क्योंकि वह अपनी स्पर्धा से सात दिन पहले खेल गांव में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। ’’

भाषा नमिता

नमिता

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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