अहमदाबाद में देश की पहली अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता, शीतल करेंगी भारत की अगुआई

अहमदाबाद में देश की पहली अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता, शीतल करेंगी भारत की अगुआई

अहमदाबाद में देश की पहली अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता, शीतल करेंगी भारत की अगुआई
Modified Date: September 4, 2026 / 03:45 pm IST
Published Date: September 4, 2026 3:45 pm IST

अहमदाबाद, चार सितंबर (भाषा) भारत के शीर्ष पैरा तीरंदाज शनिवार से यहां शुरू होने वाली देश की पहली अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में निशाना साधेंगे तब सबकी निगाहें अपने शानदार प्रदर्शन से नई मिसाल कायम करने वाली शीतल देवी पर रहेंगी।

विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 2026 का तीसरा चरण बुधवार तक चलेगा। इसमें 19 देशों के 109 तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता आइची-नागोया 2026 एशियाई पैरा खेलों की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत की चुनौती की अगुआई विश्व नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल देवी करेंगी। कंपाउंड महिला वर्ग में शीर्ष स्थान पर कायम बिन भुजाओं वाली यह तीरंदाज पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में घरेलू दर्शकों के सामने उतरेंगी।

महज 19 वर्ष की उम्र में शीतल ने पैरा तीरंदाजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। जन्म से दोनों हाथ न होने के बावजूद वह अपने दाहिने पैर और कंधे की मदद से धनुष की डोरी खींचती हैं और मुंह में पकड़े विशेष उपकरण के जरिए तीर छोड़ती हैं।

शीतल की महत्वाकांक्षा केवल पैरा तीरंदाजी तक सीमित नहीं है। वह 2025 में एशियाई कप के लिए जेद्दा में हुए चयन ट्रायल में तीसरे स्थान पर रहकर भारत की सामान्य वर्ग की राष्ट्रीय टीम में चुनी जाने वाली पहली पैरा तीरंदाज बनीं थी।

भारतीय टीम की चुनौती केवल शीतल देवी तक सीमित नहीं है। पुरुषों के कंपाउंड वर्ग में विश्व नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन तोमन कुमार भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। पेरिस 2024 में मिश्रित टीम के कांस्य पदक विजेता राकेश कुमार अपने अनुभव से टीम को मजबूती देंगे।

रिकर्व वर्ग में पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह से भारत को पदक की उम्मीद होगी जबकि महिलाओं में विश्व नंबर पांच पूजा भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी।

भारत के 29 सदस्यीय दल की नजर पैरा सीरीज के शुरुआती चरण में किए गए शानदार प्रदर्शन को जारी रखने पर होगी। बैंकॉक में हुए पहले चरण में भारत सात स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा था।

अहमदाबाद में चुनौती अलग होगी क्योंकि भारतीय तीरंदाजों के सामने दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी होंगे।

प्रतियोगिता में रिकर्व, कंपाउंड, डब्ल्यू-एक और दृष्टिबाधित वर्गों में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाएं होंगी।

कुल सात व्यक्तिगत खिताब, तीन युगल खिताब और मिश्रित टीम के खिताब दांव पर होंगे। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को विश्व रैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण अंक भी मिलेंगे।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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