बीएसी में रजत पदक जीतने के बाद शेट्टी को धैर्य और शारीरिक क्षमता में सुधार की उम्मीद

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बीएसी में रजत पदक जीतने के बाद शेट्टी को धैर्य और शारीरिक क्षमता में सुधार की उम्मीद

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 10:10 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 10:10 PM IST

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप (बीएसी) में उपविजेता रहे युवा भारतीय शटलर आयुष शेट्टी ने स्वीकार किया कि शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने के लिए उन्हें कोर्ट पर अधिक धैर्य रखना होगा, प्रतिद्वंद्वियों को लंबी रैलियों में उलझाना होगा और अपने पैरों को मजबूत बनाना होगा।

बीस वर्षीय शेट्टी ने चीन के निंगबो में आयोजित बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। बिना वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के रूप में प्रवेश करने के बावजूद उन्होंने उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ कई उलटफेर किए।

उनका यह प्रभावशाली अभियान हालांकि फाइनल में हार के साथ समाप्त हुआ। वह विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज शी युकी से सीधे गेम में हार गए। इसके साथ ही इस टूर्नामेंट में पुरुष एकल स्वर्ण पदक के लिए भारत का छह दशकों से अधिक का इंतजार भी जारी रहा।

शेट्टी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘हां, मुझे लगता है कि फाइनल में उन्होंने मुझे आक्रमण करने का ज्यादा मौका नहीं दिया। उनके प्रहार बिल्कुल सटीक थे। वे तेज गति से खेल रहे थे और मुझे नेट पर कोई मौका नहीं दे रहे थे। इसलिए मैं आक्रमण का कोई अच्छा मौका नहीं बना सका।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसी चीज है जिस पर मुझे काम करने की जरूरत है। मुझे और धैर्य रखना होगा और लंबी रैलियां खेलनी होंगी। मुझे लगता है कि मैं थोड़ा अधीर हो गया और जल्दी और आसान अंक हासिल करने की कोशिश करने लगा था।’’

लंबे कद के इस खिलाड़ी ने फाइनल तक के अपने सफर में क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी और सेमीफाइनल में कुनलावत विदितसर्न को हराकर इतिहास रचा।

कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने कहा कि वह खिताब जीतने के लिए बेताब थे और ‘‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने’’ की महत्वाकांक्षा से प्रेरित हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि शी के खिलाफ उनका मुकाबला सीखने का शानदार अनुभव साबित हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक मुश्किल हार थी। निश्चित रूप से मैं शानदार अंत करना चाहता था। मुझे लगता है कि शी के खेलने का तरीका मेरे लिए एक बड़ा सबक है। वह वास्तव में चतुर हैं, उन्होंने मुझे कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने मुझे खेल में वापसी करने का मौका ही नहीं दिया।’’

शेट्टी ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट को देखते हुए, मुझे लगता है कि मुझे अपने पूरे खेल पर गर्व है। फाइनल में मिली हार मेरे लिए एक अच्छा सबक है।’’

इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि इस साल होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप और जापान में होने वाले एशियाई खेल उनकी अगली प्राथमिकताएं हैं।

उन्होंने कहा कि जिस एक प्रमुख क्षेत्र में वे सुधार करना चाहते हैं, वह उनकी शारीरिक क्षमता है, और शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ लंबे, कठिन मैचों की चुनौतियों के लिए अधिक मजबूत और बेहतर ढंग से तैयार होना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर मैं लंबे समय तक विश्व का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना चाहता हूं, तो मुझे और अधिक मजबूत होना होगा।’’

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर