ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व स्कीट निशानेबाज बेदी की प्रेरणा
ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व स्कीट निशानेबाज बेदी की प्रेरणा
नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) स्कीट निशानेबाजी जैसे खेल में अच्छे प्रदर्शन के साथ पढाई पर भी ध्यान दे पाना 15 वर्ष के एक लड़के के लिये कठिन है लेकिन जोरावर सिंह बेदी पूरी कोशिश कर रहे हैं और ओलंपिक में एक दिन भारत के लिये खेलना उनकी प्ररेणा है।
पंजाब के इस निशानेबाज ने राष्ट्रीय ट्रायल में छह निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई और शीराज शेख तथा एशियाई खेलों के पदक विजेता अनंतजीत सिंह नरूका को कड़ी चुनौती दी । वह हालांकि शीर्ष तीन में जगह बनाने में नाकाम रहे ।
दसवीं कक्षा के छात्र बेदी ने बोर्ड के इम्तिहान के लिये निशानेबाजी से ब्रेक लिया है ।
बेदी ने कहा ,‘‘ प्रतिस्पर्धा के दौरान शांतचित्त रहने के लिये मैं सांस पर फोकस कर रहा हूं। इसके लिये स्कोरबोर्ड पर देखने से बचता हूं और अगले शॉट पर फोकस रखता हूं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा स्कूल काफी साथ दे रहा है जिससे मेरे लिये निशानेबाजी पर फोकस करना आसान हो गया है ।’’
जोरावर के पिता महिंदरजीत सिंह ने उम्मीद जताई कि उनका बेटा निशानेबाजी और पढाई में तालमेल बिठा सकेगा ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके लिये रंजन सोढी ( पिस्टल कोच), समरेश जंग और निशानेबाजी महासंघ को धन्यवाद देता हूं । ’’
भाषा
मोना आनन्द
आनन्द

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