दक्षिण अफ्रीका के कप्तान मारक्रम या लिंडे करेंगे अभिषेक के खिलाफ गेंदबाजी की शुरूआत
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान मारक्रम या लिंडे करेंगे अभिषेक के खिलाफ गेंदबाजी की शुरूआत
(कुशान सरकार)
अहमदाबाद, 20 फरवरी (भाषा) टी20 विश्व कप में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा लगातार तीन बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए लेकिन भारत का अभियान बिना रूके पटरी पर चल रहा है लेकिन इस खिलाड़ी का बल्ले का नहीं चलना चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसका कारण या तो पेट के संक्रमण से उनका कमजोर होना है या फिर धीमे विकेट पर स्पिनरों के खिलाफ तकनीकी कमजोरी का उभरना है।
लेकिन जिन्होंने इस प्रारूप और इस खिलाड़ी को करीब से देखा है उनका कहना है कि ‘‘फॉर्म अस्थायी है, उसका आत्मविश्वास स्थायी’’ है।
अभिषेक का स्ट्राइक रेट 192 से ज्यादा का है लेकिन अचानक उनकी फॉर्म खराब हो गई जिसका मुख्य कारण पेट के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी वापसी हो सकती है।
फिर धीमी पिचों ने भी उनकी मदद नहीं की है। अब तक टीम के एकजुट प्रयास ने पक्का किया है कि नतीजों पर कोई असर नहीं पड़े। लेकिन शनिवार से सुपर आठ चरण शुरु होने वाला है इसलिए यह जरूरी होगा कि उनका बल्ला चले। भारत सुपर आठ चरण के पहले मैच में 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा।
और उनके पिछले आउट होने के तरीके को ध्यान से देखने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मारक्रम पावरप्ले के अंदर दोनों छोर से कागिसो रबाडा या लुंगी एनगिडी को गेंदबाजी कराने के बजाय खुद ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने के बारे में सोच सकते हैं या फिर जॉर्ज लिंडे से गेंदबाजी करने को कह सकते हैं।
सबसे छोटे प्रारूप में गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। अभिषेक का टी20 विश्व कप में अपना खाता नहीं खोल पाना चिंता की बात नहीं है। हो सकता है वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ या फिर इसके बाद चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ और कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में लय हासिल कर लें।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी के एक मशहूर बल्लेबाजी कोच ने लीग के दौरान अभिषेक के खिलाफ योजना बनाई और उनकी बल्लेबाजी का विश्लेषण किया। उनसे जब पूछा गया कि क्या टीमों ने आखिरकार अभिषेक की बल्लेबाजी को समझ लिया है तो उनका जवाब ‘नहीं’ था।
उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘‘बिलकुल नहीं। पहले मैच में डीप एक्स्ट्रा कवर पर वह खराब गेंद पर कैच हुए थे जो छह रन के लिए जा सकती थी। या फील्डर के बाएं या दाएं एक पैर से बाहर जाकर चौके के लिए जा सकती थी। ’’
अभिषेक के तीनों मैच में आउट होने के तरीके पर उन्होंने आगे कहा, ‘‘ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना, ना कि बाहर जाती हुई गेंद पर, इससे ज्यादा कुछ पता नहीं चलता। और मिड-ऑन पर कैच होना। ’’
उन्होंने कहा कि इस तरह आउट होने से पहले ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह बताए कि ऑफ-स्पिनर उन्हें हमेशा परेशान करते हैं।
कोच ने कहा, ‘‘वह आम तौर पर ऑफ-स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं देखा है। ’’
हालांकि विकेटों का धीमा होना उनकी आउट होने का कारण बन सकता है क्योंकि उनके बल्ले की स्विंग बहुत तेज है, जिससे उन्हें तेज गेंदबाजों के मुफीद ट्रैक पर बहुत सफलता मिलती है।
अभिषेक के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत से यह पहला चरण हैं जहां उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहीं पर बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक का भूमिका अहम हो जाती है।
अभिषेक के आत्मविश्वास से भरे व्यक्तित्व को देखते हुए साफ लगता है कि वह कुछ निराशाओं से हिलने वाले नहीं हैं लेकिन उन्हें पता होगा कि भारत के टी20 विश्व कप अभियान का एक बड़ा हिस्सा उनकी शुरुआत पर निर्भर करता है।
भाषा नमिता
नमिता

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