पिस्टल में तकनीकी खराबी ने मनु से छीना फाइनल में स्थान

पिस्टल में तकनीकी खराबी ने मनु से छीना फाइनल में स्थान

पिस्टल में तकनीकी खराबी ने मनु से छीना फाइनल में स्थान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: July 25, 2021 1:21 pm IST

तोक्यो, 25 जुलाई ( भाषा ) भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के करीब 20 मिनट क्वालीफिकेशन के दौरान पिस्टल में तकनीकी खराबी आने के कारण बर्बाद हुए जिससे वह तोक्यो ओलंपिक में महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल्स में जगह बनाने से मामूली अंतर से चूक गई ।

जब उनकी पिस्टल में खराबी आई तब उन्हें 55 मिनट में 44 शॉट लेने थे । समस्या से उबरने के बाद वह लौटी तो उन्हें 36 मिनट में ये शॉट लेने पड़े जो किसी भी स्तर पर काफी मुश्किल था । उसके बाद चार पांच मिनट अभ्यास में यह जांचने में लग गए कि पिस्टल ठीक से काम कर रही है या नहीं ।

पिस्टल कोच रौनक पंडित ने तोक्यो से पीटीआई से कहा ,‘‘ आम तौर पर कुछ सेकंड से अधिक नहीं लगता है और हम अधिक समय नहीं ले सकते थे । मुझे मनु से कहना पड़ा कि निशाना लगाना शुरू करो क्योंकि काफी समय बर्बाद हो चुका था ।’’

मनु अपने कोच और जूरी के एक सदस्य के साथ पिस्टल ठीक कराने गई क्योंकि सुरक्षा कारणों से रेंज के पास यह नहीं किया जा सकता ।

भारत के पूर्व निशानेबाज रौनक ने कहा ,‘‘ खराबी आने के समय 44 शॉट के लिये 55 मिनट थे । पिस्टल ठीक कराके लौटने के बाद 36 मिनट में 44 शॉट लेने थे ।’’

इससे पहले भी म्युनिख में 2019 विश्व कप के दौरान मनु को तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा था । उसने हालांकि शानदार वापसी करके उसी टूर्नामेंट में किसी ओर वर्ग से कोटा हासिल कर लिया था ।

इससे पहले उनके पिता रामकिशन भाकर और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अधिकारी ने भी कहा कि मनु की पिस्टल के इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर में खराबी आ गई थी । उसे ठीक कराने के बाद वह लौटी लेकिन उसकी लय बिगड़ चुकी थी ।

पहली सीरिज में 98 के स्कोर के बाद उसने 95, 94 और 95 का स्कोर किया और शीर्ष 10 से बाहर हो गई । पांचवीं सीरिज में उसने वापसी की कोशिश की लेकिन छठी और आखिरी सीरिज में एक 8 और तीन 9 के स्कोर के बाद वह शीर्ष आठ में जगह नहीं बना सकी ।

दो ओलंपिक खेल चुकी पिस्टल निशानेबाज हीना सिद्धू ने मनु का बचाव करते हुए कहा ,‘‘ जो लोग यह कहने में देर नहीं लगा रहे कि मनु दबाव का सामना नहीं कर सकी । मैं इतना जानना चाहती हूं कि पिस्टल में खराबी के कारण उसका कितना समय खराब हुआ । उसने दबाव के आगे घुटने नहीं टेके बल्कि उसका सामना करके अच्छा प्रदर्शन किया ।’

कोच रौनक की पत्नी हीना ने कहा ,‘‘ 34 मिनट से भी कम समय में 575 स्कोर करना बताता है कि वह मानसिक रूप से कितनी दृढ है । खिलाड़ियों का आंकड़ों के आधार पर आकलन करना बंद कीजिये । मनु और देसवाल दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया और मिश्रित टीम में वे अधिक मजबूती से उतरेंगी ।’’

भाषा मोना पंत

पंत


लेखक के बारे में