गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने कोचों के लिये टॉप्स का प्रस्ताव रखा
गोपीचंद की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने कोचों के लिये टॉप्स का प्रस्ताव रखा
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषात) राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की अध्यक्षता वाले खेल मंत्रालय के एक कार्यबल ने कोचों के लिये टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) और उनकी शिक्षा, मान्यता और प्रशासन के लिये राष्ट्रीय बोर्ड के गठन की सिफारिश की है ।
समिति ने 43 पन्ने की रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंप दी है जो इसकी सभी सिफारिशों को लागू कर सकता है ।
रिपोर्ट मंगलवार को सार्वजनिक की गई जिसमें कहा गया है ,‘‘ भारत में सुव्यवस्थित, विश्वसनीय और वैश्विक मानदंडों के अनुरूप कोचों के विकास के लिये राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) बनाना जरूरी है जो कोचिंग, शिक्षा और खेल प्रशासन में देश की सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञता वाली ईकाई हो ।’’
इसमें कहा गया ,‘‘ यह बोर्ड स्तरों के निर्धारण, रास्ते मंजूर करने, संस्थाओं को मान्यता देने और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिये शीर्ष प्राधिकरण होगा ।’’
इसमें कहा गया कि एनसीएबी में भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और खेल सचिव और विभिन्न मंत्रालयों में प्रभाव रखने वाली राष्ट्रीय स्तर की कोई हस्ती और शिक्षा शास्त्र तथा शैक्षणिक व्यवस्था में महारत रखने वाला कोई नामी शिक्षाविद् हो ।
रिपोर्ट में कहा गया ,‘‘ राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड भारत के कोचिंग इकोसिस्टम का केंद्र बन जायेगा जो स्तर निर्धारण करने के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करेगा और सरकार, महासंघों, शैक्षणिक संस्थानों तथा ओलंपिक आंदोलन को एकजुट करेगा ।’’
ओलंपिक खेलों में कोचों की ट्रेनिंग फिलहाल पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में डिप्लोमा कोर्स के जरिये दी जाती है ।
रिपोर्ट में कहा गया ,‘‘समिति ने कई स्तरों के राष्ट्रीय कोचिंग तंत्र का भी प्रस्ताव रखा है जिसमें जमीनी स्तर, इंटरमीडिएट, एलीट और राष्ट्रीय टीम कोचिंग जैसे अलग अलग स्तर होंगे । यूनिवर्सिटी स्तर के चरण को लेवल 0 माना जायेगा । ’’
खिलाड़ियों के लिये बेहद सफल रही ‘टॉप्स’ योजना की तरह कार्यबल ने कोचों के लिये भी इस मॉडल को अपनाने की पेशकश की ।
रिपोर्ट में कहा गया ,‘‘ हर राष्ट्रीय खेल महासंघ भारतीय खेल प्राधिकरण और एनसीएबी से मिलकर समय समय पर उच्च क्षमतावान कोचों की पहचान करेगा जो बड़ी स्पर्धाओं के लिये खिलाड़ियों को तैयार करते हैं या पदक जीतने वाले खेलों में जमीनी स्तर पर योगदान दे रहे हैं ।’’
ऐसे कोचों को प्रस्ताव जमा करने के लिये कहा जायेगा जिसमें आधुनिक उपकरणों और तकनीक का अनुरोध और खुद के लिये विशिष्ट ट्रेनिंग शामिल है। एक बार मंजूर होने पर कोचों के प्रस्ताव के लिये ‘कोच टॉप्स कोष’ से धन दिया जाये ।
भाषा मोना
मोना

Facebook


