इससे प्रभवित होने के बावजूद सामान्य दिखने की कोशिश कर रहे: शांतो ने टी20 विश्व कप पर कहा
इससे प्रभवित होने के बावजूद सामान्य दिखने की कोशिश कर रहे: शांतो ने टी20 विश्व कप पर कहा
ढाका, 10 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने कहा है कि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में टीम की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है लेकिन टीम हालात को ऐसे संभाल रही है जैसे “सब कुछ ठीक है”।
शांतो ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के निदेशक एम. नजमुल इस्लाम पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल को “भारत का एजेंट” बताए जाने की कड़ी आलोचना की। तमीम ने मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के लिए संयमित और व्यावहारिक रवैये की वकालत की थी।
भारत में अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश की भागीदारी विवादों में घिर गई है, जब बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आईसीसी से टीम के मैच भारत से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की।
शांतो ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘ आप अगर हमारे विश्व कप के नतीजों को देखें तो हमने कभी लगातार अच्छा क्रिकेट नहीं खेला है। पिछले साल हमने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन उससे भी अच्छे मौके थे, जिनका हम फायदा नहीं उठा सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ आप देखेंगे कि हर विश्व कप से पहले कुछ न कुछ जरूर होता है। तीन विश्व कप खेलने के अनुभव से मैं कह सकता हूं कि इसका असर पड़ता है।’’
शांतो ने कहा, ‘‘ अब हम ऐसा दिखाते हैं जैसे हमें कुछ भी प्रभावित नहीं करता और हम पूरी तरह पेशेवर क्रिकेटर हैं। आप लोग भी समझते हैं कि यह आसान नहीं है।’’
शांतो ने कहा कि खिलाड़ी इन तमाम व्यवधानों को एक तरफ रखकर टीम के लिए प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ बेशक, अगर ये सब न हो तो बेहतर होता। यह स्थिति काफी हद तक हमारे नियंत्रण से बाहर है।
टी20 विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होनी है और बांग्लादेश को भारत में चार मैच (तीन कोलकाता में और एक मुंबई में) खेलने हैं। बांग्लादेश ने इन मुकाबलों को श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग की है।
बीसीबी ने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बीसीसीआई के निर्देश पर रिलीज करने के बाद यह कदम उठाया है।
शांतो ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि यह सब कैसे हुआ या इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता था। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि ऐसी परिस्थितियों में अभिनय करना भी मुश्किल होता है।”
उन्होंने अंत में कहा,“सही मानसिकता के साथ अगर हम विश्व कप में जाएं और कहीं भी खेलें, तो हमारा ध्यान इस पर होना चाहिए कि टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे दें।”
शांतो ने बीसीबी निदेशक एम. नजमुल इस्लाम द्वारा पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल को “भारत का एजेंट” बताए जाने पर गहरा दुख भी जताया।
शांतो ने कहा, “बहुत दुख हुआ, बेहद दुख हुआ, क्योंकि इस तरह की टिप्पणी एक ऐसे क्रिकेटर के बारे में की गई, जो न सिर्फ पूर्व कप्तान रहे हैं बल्कि मेरी राय में बांग्लादेश के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्हें देखकर हम बड़े हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “खिलाड़ी होने के नाते हम सम्मान की उम्मीद करते हैं। चाहे वह कोई पूर्व कप्तान हो, नियमित खिलाड़ी हो,सफल हो या नहीं। दिन के अंत में हर क्रिकेटर सम्मान चाहता है।”
शांतो ने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को खिलाड़ियों का “संरक्षक” माना जाता है, लेकिन इस मामले में एक अस्वीकार्य बयान दिया गया।
उन्होंने कहा, “माता-पिता अगर सुधार करना चाहें तो घर पर करते हैं, सबके सामने नहीं। ऐसे में जिस संस्था से हमें संरक्षण की उम्मीद होती है, वहां से अगर इस तरह की टिप्पणी आये तो उसे स्वीकार करना बहुत मुश्किल है। एक खिलाड़ी के तौर पर मैं इसे पूरी तरह खारिज करता हूं।”
भाषा आनन्द
आनन्द

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