वैष्णवी और सहजा ने भारत को न्यूजीलैंड पर 3-0 से जीत दिलाई

वैष्णवी और सहजा ने भारत को न्यूजीलैंड पर 3-0 से जीत दिलाई

वैष्णवी और सहजा ने भारत को न्यूजीलैंड पर 3-0 से जीत दिलाई
Modified Date: April 8, 2026 / 08:54 pm IST
Published Date: April 8, 2026 8:54 pm IST

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) युवा वैष्णवी अडकर और सहजा यमलापल्ली ने अपने-अपने एकल मुकाबलों में आसान जीत दर्ज की जिससे भारत ने बुधवार को यहां बिली जीन किंग कप (बीजेकेसी) टेनिस टूर्नामेंट के एशिया-ओशियाना ग्रुप एक में वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 3-0 से हरा दिया।

पदार्पण कर रही वैष्णवी और सहजा को पहले मुकाबले में निराशाजनक शिकस्त का सामना करना पड़ा था जिससे भारत वर्षा से प्रभावित मुकाबले में थाईलैंड के खिलाफ 1-2 से हार गया था।

हालांकि दूसरे मुकाबले में भारत ने वापसी की और दोनों युवा खिलाड़ियों ने दबाव में धैर्य बरकरार रखते हुए अपने-अपने एकल मैच जीते। न्यूजीलैंड की टीम अपनी स्टार खिलाड़ी लुलु सुन के बिना उतरी।

दोबारा जिम्मेदारी मिलने पर वैष्णवी ने काफी सुधार दिखाया। उन्होंने सहज गलतियां कम की और बेहतर नियंत्रण के साथ शॉट खेले तथा न्यूजीलैंड की खिलाड़ी आइशी दास को पहले एकल मैच में एक घंटे 30 मिनट में सीधे सेट में 6-2, 6-4 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।

सहजा ने इसके बाद वैलेंटिना इवानोव को दूसरे एकल में सीधे सेट में 6-1, 6-3 से हराकर भारत को 2-0 की विजयी बढ़त दिला दी।

रुतुजा भोसले और अंकिता रैना की जोड़ी ने महिला युगल में दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी एरिन रूटलिफ और दुनिया की 338वें नंबर की खिलाड़ी मोनिक बैरी की जोड़ी को सीधे सेट में 6-4 6-2 से हराकर भारत की आसान जीत सुनिश्चित की।

वैष्णवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह बिली जीन किंग कप में मेरा पहला मैच था इसलिए मैं निश्चित रूप से बहुत नर्वस थी। मैंने अपनी घबराहट से ठीक तरीके से नहीं निपट पाई लेकिन यह मेरे लिए एक सबक था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज कोर्ट पर आकर मुझे उस चीज पर ध्यान देना था जिसमें मैं सबसे अच्छी हूं। मुझे बस कोर्ट पर उतरकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था।’’

सहजा ने कहा, ‘‘मैं जीत से खुश हूं। (थाईलैंड के खिलाफ) यह एक मुश्किल मैच था। हमें अलग नतीजे की उम्मीद थी, हमने वह किया जो हम कर सकते थे। हमने जी-जान से लड़ाई लड़ी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं (पहले मैच में) अपनी रणनीति से खुश नहीं थी इसलिए मैंने खुद से कहा कि मैच खत्म करने के लिए इसे बेहतर करना है। हमें हर अंक के लिए लड़ना होगा, एक-दूसरे का समर्थन करना होगा और देखना होगा कि यह हमें कहां ले जाता है।’’

इससे पहले रुतुजा भोसले और अंकिता रैना की युगल मुकाबले में जीत के बावजूद भारत सहजा की तीन सेट तक चले मुकाबले में पैचरिन चीपचंदेज से पराजय के कारण बारिश से प्रभावित अपने पहले मुकाबले में थाईलैंड से 1-2 से हार गया।

विश्व रैंकिंग में 384वें स्थान पर काबिज सहजा पर बहुत कुछ निर्भर था। यह मैच बारिश के कारण मंगलवार को बीच में रोकना पड़ा था।

भारत पहला एकल मुकाबले हारने के कारण सहजा से वापसी करने की उम्मीद कर रहा था लेकिन यह 25 वर्षीय खिलाड़ी उसे मुकाबले में बनाए रखने में नाकाम रही। वह विश्व रैंकिंग में 449वें नंबर पर काबिज पैचरिन से 4-6, 6-1, 4-6 से हार गई। यह मैच दो घंटे 25 मिनट तक चला।

इसके बाद भोसले और रैना की युगल जोड़ी ने थासापोर्न नाकलो और पेंगटार्न प्लिप्यूच को एक घंटे और 11 मिनट में 6-3 6-4 से हराकर थाईलैंड को क्लीन स्वीप नहीं करने दिया।

भारतीय कप्तान विशाल उप्पल ने बाद में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें पहले से ही पता था कि थाईलैंड एक बहुत अच्छी टीम है। हमें वास्तव में अच्छे खेल का प्रदर्शन करना होगा। दुर्भाग्य से इस मुकाबले में हम वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा चाहते थे। लेकिन युगल मैच में जीत हमारे लिए सकारात्मक है। अभी टूर्नामेंट में काफी मुकाबले खेले जाने हैं और इसलिए प्रत्येक जीत मायने रखती है।’’

सहजा ने निर्णायक सेट में 3-4 के स्कोर पर खेल फिर से शुरू करते हुए फोरहैंड शॉट बाहर मार दिया और पैचरिन ने अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए 5-3 की बढ़त बना ली।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी सर्विस बरकरार रखी जब पैचरिन का बैकहैंड स्लाइस शॉट नेट पर जा लगा। इससे स्कोर का अंतर 4-5 हो गया।

मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था। सहजा ने कुछ बेहतरीन ग्राउंडस्ट्रोक लगाए और बेसलाइन पर दबदबा कायम रखा। यहां तक ​​कि थाई खिलाड़ी के शॉट बाहर जाने के कारण उन्होंने ब्रेक प्वाइंट भी हासिल कर लिया था।

लेकिन निर्णायक मौके पर उनसे गलती हो गई और उन्होंने अपने शॉट बाहर मार दिए। सहजा ने इसके बाद रिटर्न शॉट खेलने में गलती की जिससे थाईलैंड की खिलाड़ी जीत हासिल करने में सफल रही।

इससे पहले मंगलवार को वैष्णवी अडकर को औंचिसा चांता से 1-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा था।

भाषा सुधीर

सुधीर


लेखक के बारे में